राजस्थान के चित्तौड़गढ़ ज़िले में स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर भक्तों के बीच 'सेठों के सेठ' के नाम से प्रसिद्ध है। यह पवित्र धाम न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि यहां के भक्तों की मान्यता है कि भगवान कृष्ण स्वयं यहाँ उनके व्यापार में भागीदार बनकर उनकी झोली भरते हैं।
यदि आप जल्द ही सांवरिया सेठ मंदिर के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो मंदिर के सही दर्शन समय (Timings), इतिहास, और यात्रा की पूरी जानकारी होना आवश्यक है। यह गाइड आपको मंदिर के वर्तमान दर्शन का समय, यहाँ तक कैसे पहुँचें (खासकर चित्तौड़गढ़ से सांवरिया सेठ मंदिर की दूरी), रुकने की व्यवस्था और मंदिर से जुड़ी चमत्कारी कहानियों के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करेगी।
संक्षिप्त जानकारी (Quick Facts Table)
गूगल सर्च में बेहतर रेंकिंग और यूजर की सुविधा के लिए यहाँ एक संक्षिप्त विवरण दिया गया है:
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विवरण |
जानकारी |
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मंदिर का नाम |
श्री सांवलिया सेठ मंदिर (मंडफिया) |
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स्थान (Location) |
मंडफिया, जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान |
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मुख्य देवता |
भगवान श्री कृष्ण (सांवलिया जी) |
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प्रसिद्ध नाम |
सेठों के सेठ, बिजनेस पार्टनर भगवान |
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दर्शन का समय |
सुबह 05:30 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक |
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निकटतम रेलवे स्टेशन |
चित्तौड़गढ़ जंक्शन (41 KM) |
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निकटतम एयरपोर्ट |
डबोक एयरपोर्ट, उदयपुर (65 KM) |
सांवलिया सेठ मंदिर कहां है? (Sanwaliya Seth Mandir Location)
श्री सांवलिया सेठ मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया गांव में स्थित है। यह चित्तौड़गढ़-उदयपुर NH-76 (अब NH-48) पर भदसोड़ा चौराहे से मात्र 7 किमी अंदर है।
प्रमुख शहरों से दूरी और समय
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शहर |
दूरी (किमी में) |
समय (कार से) |
बस/ट्रेन से समय |
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चित्तौड़गढ़ |
40-44 किमी |
50 मिनट |
1 घंटा |
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उदयपुर |
70-75 किमी |
1.5 घंटे |
2 घंटे |
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जयपुर |
310 किमी |
5 घंटे |
6 घंटे |
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अहमदाबाद |
380 किमी |
6 घंटे |
8 घंटे |
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इंदौर |
320 किमी |
6 घंटे |
7 घंटे |
नजदीकी रेलवे स्टेशन: चित्तौड़गढ़ जंक्शन (40 किमी)
नजदीकी एयरपोर्ट: उदयपुर डबोक एयरपोर्ट (65 किमी)
राजस्थान की वीर धरा चित्तौड़गढ़ में एक ऐसा धाम है, जहाँ भगवान अपने भक्तों के केवल आराध्य ही नहीं, बल्कि उनके व्यापार में 'पार्टनर' भी हैं। हम बात कर रहे हैं मंडफिया स्थित Shri Sanwariya Seth Mandir की। इसे 'सेठों का सेठ' भी कहा जाता है।
अगर आप भी अपनी मनोकामना लेकर या सांवलिया जी के दर्शन के लिए यहाँ आना चाहते हैं, तो यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए एक कम्पलीट गाइड है। इसमें हम Sanwariya Seth Mandir Darshan Time, यहाँ के अद्भुत इतिहास, आरती के समय और Chittorgarh to Sanwariya Seth Mandir पहुँचने के सबसे आसान रास्तों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
सांवलिया सेठ मंदिर का इतिहास (History of Sanwariya Seth Mandir)
सांवलिया सेठ के प्राकट्य की कहानी बड़ी ही चमत्कारिक है। इतिहास और जनश्रुतियों के अनुसार, यह घटना वर्ष 1840 की है। मंडफिया गांव के एक ग्वाले, जिसका नाम भोलाराम गुर्जर था, उन्हें एक रात सपना आया। सपने में उन्होंने देखा कि बागुंड-भादसोड़ा की सीमा पर एक बबूल के पेड़ के नीचे भगवान की मूर्तियां दबी हुई हैं।
जब ग्रामीणों ने उस जगह की खुदाई की, तो वहां से एक जैसी तीन भव्य और मनमोहक मूर्तियां निकलीं। माना जाता है कि मुगलों के आक्रमण के समय संत दयाराम जी ने इन मूर्तियों को सुरक्षित रखने के लिए जमीन में समाहित कर दिया था।
इन तीन मूर्तियों की स्थापना अलग-अलग जगह की गई, जिससे तीन प्रमुख मंदिर बने:
- मंडफिया मंदिर: सबसे बड़ी मूर्ति यहाँ स्थापित हुई, जो आज Sanwariya Seth Mandir Mandpiya (मुख्य धाम) के नाम से विश्व प्रसिद्ध है।
- भादसोड़ा मंदिर: दूसरी मूर्ति यहाँ स्थापित की गई, जिसे 'प्राचीन मंदिर' कहा जाता है।
- प्राकट्य स्थल मंदिर: तीसरी मूर्ति उसी जगह स्थापित की गई जहाँ खुदाई हुई थी। इसे Shri Sanwariya Seth Prakatya Sthal Mandir कहा जाता है।
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भगवान को क्यों कहते हैं 'बिजनेस पार्टनर'? (The Business Partner Miracle)
Sanwariya Seth Mandir Rajasthan की ख्याति देश-विदेश में इसलिए है क्योंकि यहाँ भक्त भगवान को अपने बिजनेस में हिस्सेदार बनाते हैं। यह सुनने में आपको अजीब लग सकता है, लेकिन यह यहाँ की परंपरा है।
जब कोई भक्त नया व्यापार शुरू करता है, तो वह सांवलिया सेठ के दरबार में आकर मन्नत मांगता है कि "हे प्रभु, यदि मेरे व्यापार में मुनाफा हुआ, तो उसका 10%, 20% या 50% हिस्सा आपके चरणों में अर्पित करूँगा।"
आश्चर्यजनक रूप से, जब उन भक्तों का व्यापार दिन-दोगुनी रात-चौगुनी तरक्की करता है, तो वे अपना वादा निभाने आते हैं। यही कारण है कि हर महीने की चतुर्दशी (Chaudas) को जब यहाँ का दानपात्र (भंडार) खुलता है, तो उसमें करोड़ों रुपये नकद, सोना-चांदी और अफीम (भक्तों द्वारा अर्पित) निकलती है। यह Sanwariya Seth Temple को राजस्थान का सबसे अमीर मंदिर बनाता है।
सांवलिया सेठ मंदिर दर्शन समय (Sanwariya Seth Mandir Darshan Time Today)
भक्तों के लिए सबसे जरूरी जानकारी मंदिर के खुलने और बंद होने का समय है। यदि आप Sanwariya Seth Mandir Timings Today सर्च कर रहे हैं, तो नीचे दी गई तालिका (Table) को ध्यान से देखें।
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गतिविधि (Activity) |
समय (Time) |
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मंदिर खुलने का समय |
सुबह 05:30 बजे |
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मंगला आरती |
सुबह 05:30 से 06:30 बजे तक |
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ग्वाल आरती |
सुबह 09:00 बजे (अनुमानित) |
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राजभोग आरती |
सुबह 10:00 से 11:15 बजे तक |
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दोपहर में पट बंद (Rest Time) |
दोपहर 12:00 से 02:30 बजे तक |
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शाम को मंदिर खुलना |
दोपहर 02:30 बजे |
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संध्या आरती |
सूर्यास्त के समय (लगभग 07:00 - 08:00 बजे) |
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शयन आरती (मंदिर बंद) |
रात्रि 10:00 से 11:00 बजे के बीच |
(नोट: विशेष त्योहारों, अमावस्या और जलझूलनी एकादशी पर
सांवलिया सेठ मंदिर कहाँ है और कैसे पहुँचें? (How to Reach Sanwariya Seth Mandir)
अक्सर श्रद्धालु पूछते हैं कि Sanwariya Seth Mandir Kahan Hai और वहां पहुँचने का सबसे अच्छा रास्ता कौन सा है? यह मंदिर चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाईवे के पास स्थित है।
1. रेल मार्ग द्वारा (By Train)
मंदिर का Nearest Railway Station चित्तौड़गढ़ जंक्शन (COR) है।
- Chittorgarh Railway Station to Sanwariya Seth Mandir Distance: लगभग 41-45 किलोमीटर है।
- स्टेशन के बाहर से आपको बस या प्राइवेट टैक्सी आसानी से मिल जाएगी। बस का किराया लगभग 50-80 रुपये और टैक्सी का 800-1500 रुपये तक हो सकता है।
2. हवाई मार्ग द्वारा (By Flight)
यदि आप दूर से आ रहे हैं, तो उदयपुर का महाराणा प्रताप एयरपोर्ट (Dabok) सबसे नजदीक है।
- Udaipur to Sanwariya Seth Mandir Distance: लगभग 65 किलोमीटर।
- एयरपोर्ट से आप टैक्सी लेकर 1.5 घंटे में मंदिर पहुँच सकते हैं।
3. सड़क मार्ग द्वारा (By Road)
राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई शहरों से यहाँ के लिए सीधी बसें चलती हैं।
- Jaipur to Sanwariya Seth Mandir Distance: लगभग 370 किलोमीटर (6-7 घंटे का समय)।
- Chittorgarh to Sanwariya Seth Mandir: यहाँ से रोडवेज और प्राइवेट बसें हर 15 मिनट में उपलब्ध रहती हैं।
- My Location to Sanwariya Seth Mandir: यदि आप अपनी कार से आ रहे हैं, तो Google Maps पर 'Mandphia' सर्च करें, जो NH-27 और NH-48 के माध्यम से जुड़ा हुआ है।
रुकने की व्यवस्था – होटल और धर्मशाला
- यशोदा विहार धर्मशाला (मंदिर ट्रस्ट) – ₹100 से रूम शुरू
- सांवलिया धाम गेस्ट हाउस – ₹500-1500 (AC/नॉन-AC)
- प्राइवेट होटल – ₹800 से ₹3000 तक (वीकेंड पर दोगुने हो जाते हैं)
- सिर्फ नहाने और फ्रेश होने के लिए ₹100-150 में 1-2 घंटे का रूम मिल जाता है।
खाने-पीने की व्यवस्था
मंदिर के बाहर पूरा मार्केट है।
- शुद्ध सात्विक राजस्थानी थाली – ₹80-150
- मंदिर ट्रस्ट का भोजनालय – मात्र ₹60 में भरपेट भोजन
- प्रसाद – लड्डू ₹40, मठरी ₹30, सागर ₹250
यात्रा का सबसे अच्छा समय और बजट
सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च (सर्दी में मौसम सुहावना रहता है)
त्योहारों पर भीड़: जन्माष्टमी, एकादशी, देव झूलनी ग्यारस, दीपावली
सांवलिया सेठ के आसपास अन्य दर्शनीय स्थल
यदि आप यहाँ आ रहे हैं, तो अपनी यात्रा में इन स्थानों को भी शामिल करें:
- प्राकट्य स्थल (Sanwariya Ji Prakatya Sthal): मुख्य मंदिर से कुछ किलोमीटर दूर भादसोड़ा-बागुंड में स्थित है।
- शनि महाराज मंदिर (आली): मंडफिया से पास ही आली गांव में प्रसिद्ध शनि देव मंदिर है।
- चित्तौड़गढ़ का किला (Chittorgarh Fort): Chittorgarh Fort to Sanwariya Seth Mandir Distance लगभग 40-45 किमी है। यह यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है।
जरूरी टिप्स जो कोई नहीं बताता
- प्रसाद या पूजन सामग्री गर्भगृह में ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- VIP/श्रीफल दर्शन की सुविधा उपलब्ध है (₹510 से शुरू)।
- भीड़ से बचना चाहते हैं तो सुबह 5:30 से 8 बजे या शाम 7 बजे के बाद आएं।
- प्रकट स्थल मंदिर (हाईवे से 7 किमी) जरूर जाएं – यहीं मूर्तियां मिली थीं।
दोस्तों, सांवलिया सेठ के दर्शन मात्र से मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। सच्चे मन से एक बार “जय सांवलिया सेठ” बोलकर देखिए – जीवन में कभी धन की कमी नहीं होगी।
प्राचीन मंदिरों का अद्भुत इतिहास पढ़ें
- 🏛️ मीनाक्षी अम्मन मंदिर का रहस्यमयी इतिहास और वास्तुकला की पूरी कहानी यहाँ पढ़ें।
- 🕍 बिड़ला मंदिर का इतिहास, दर्शन का समय और वहां पहुँचने की पूरी गाइड यहाँ क्लिक करें।
- 🙏 सबरीमाला मंदिर दर्शन: ऑनलाइन वर्चुअल कतार (Virtual Q) बुकिंग और यात्रा के नियम यहाँ जानें।
निष्कर्ष
श्री सांवलिया सेठ का मंदिर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहाँ का वातावरण इतना दिव्य है कि मन को असीम शांति मिलती है। चाहे आप बिजनेस में तरक्की चाहते हों या जीवन में सुकून, एक बार Sanwariya Seth Mandir Chittorgarh के दर्शन जरूर करें।
यहाँ आने से पहले Sanwariya Seth Mandir Timings Today जरूर चेक कर लें ताकि आपको इंतजार न करना पड़े। भगवान सांवलिया सेठ आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें।
जय श्री सांवलिया सेठ की!
(FAQ)
Q: सांवलिया सेठ मंदिर चित्तौड़गढ़ से कितनी दूर है?
Ans: चित्तौड़गढ़ शहर से मंदिर की दूरी लगभग 41 किलोमीटर है। आप बस या टैक्सी से 1 घंटे में पहुँच सकते हैं।
Q: क्या सांवलिया सेठ मंदिर आज खुला है? (Sanwariya Seth Temple Open Today)
Ans: जी हाँ, मंदिर प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे से रात 11:00 बजे तक खुला रहता है (दोपहर 12:00 से 2:30 तक विश्राम काल को छोड़कर)।
Q: सांवलिया सेठ मंदिर का खजाना कब खुलता है?
Ans: हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (Chaudas) को भगवान का भंडार (दानपात्र) खोला जाता है और अमावस्या को भव्य मेला लगता है।
Q: जयपुर से सांवलिया सेठ जाने में कितना समय लगता है?
Ans: जयपुर से दूरी लगभग 370 किमी है, अपनी कार या बस से पहुँचने में करीब 6 से 7 घंटे लगते हैं।
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