केंद्र सरकार ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने के लिए एक बड़ा फैसला ले चुकी है। पिछले 20 सालों से चल रही 'मनरेगा' (MGNREGA) योजना अब इतिहास बनने जा रही है। इसकी जगह सरकार एक नया और अपडेटेड कानून लेकर आई है, जिसे आम भाषा में Ji Ram Ji Yojana (जी राम जी योजना) और आधिकारिक तौर पर VB-G RAM G कहा जा रहा है।
संसद के शीतकालीन सत्र (दिसंबर 2025) में इस बिल को मंजूरी मिल गई है। अगर आप जानना चाहते हैं कि Ji Ram Ji Yojana Full Form क्या है, इससे आपको क्या फायदा होगा और यह पुरानी मनरेगा से कैसे अलग है, तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।
जी राम जी योजना (VB-G RAM G) क्या है? (What is Ji Ram Ji Yojana)
सरल शब्दों में कहें तो Ji Ram Ji Yojana Kya Hai, तो यह ग्रामीण विकास और रोजगार की एक नई गारंटी है। केंद्र सरकार ने 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' (मनरेगा) को खत्म करके उसकी जगह 'विकसित भारत- जी राम जी' (VB-G RAM G) कानून लागू करने का फैसला किया है।
इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को 'विकसित भारत' बनाने के विजन को पूरा करना है। जहां पुरानी योजना में साल में 100 दिन का रोजगार मिलता था, वहीं नई G Ram G Yojana में ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी दी जाएगी।
Ji Ram Ji Yojana Full Form (हिंदी और इंग्लिश में)
बहुत से लोग कन्फ्यूज हैं कि आखिर इस अजीब नाम का मतलब क्या है। कुछ लोग इसे Jai Ram Ji Yojana Full Form सर्च कर रहे हैं, तो कुछ Vb g ram g full form। आइए इसका सही मतलब जानते हैं:
- English: Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin)
- Hindi: विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)
शॉर्ट फॉर्म में इसे VB-G RAM G कहा जा रहा है, जिसे लोग बोलचाल में 'जी राम जी' कह रहे हैं।
जी राम जी योजना की मुख्य विशेषताएं (Key Features of VB G RAM G Bill 2025)
सरकार का दावा है कि Vb g ram g bill 2025 pdf के अनुसार यह योजना मनरेगा से कहीं ज्यादा बेहतर और पारदर्शी है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- रोजगार के दिन बढ़े: अब ग्रामीण मजदूरों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन काम मिलेगा। यानी मजदूरों की कमाई में सीधा इजाफा होगा।
- साप्ताहिक भुगतान (Weekly Payment): मनरेगा में पेमेंट के लिए 15 दिन या उससे ज्यादा इंतज़ार करना पड़ता था, लेकिन Ji Ram Ji Bill के तहत अब हर हफ्ते मजदूरी का भुगतान करने का प्रावधान है।
- किसानों के लिए राहत: खेती के पीक सीजन (बुवाई और कटाई) के दौरान 60 दिनों के लिए इस योजना के तहत सरकारी काम बंद रहेंगे। इससे किसानों को खेतों में काम करने के लिए मजदूर आसानी से मिल सकेंगे।
- राज्य सरकार की भागीदारी: पहले मजदूरी का पूरा पैसा केंद्र सरकार देती थी, लेकिन अब Vb g ram g act के तहत खर्च का बंटवारा केंद्र और राज्य के बीच (सामान्य राज्यों में 60:40) होगा।
- बेरोजगारी भत्ता: अगर आवेदन के 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है, तो राज्य सरकार को बेरोजगारी भत्ता देना होगा।
जी राम जी योजना
मनरेगा और जी राम जी योजना में क्या अंतर है? (Difference Between MGNREGA and G RAM G)
यह समझना बहुत जरुरी है कि पुरानी योजना और नई G ram g and mgnrega difference क्या है। इसे हम एक टेबल के जरिए आसानी से समझ सकते हैं:
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विशेषता |
मनरेगा (MGNREGA) |
जी राम जी योजना (VB-G RAM G) |
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रोजगार गारंटी |
100 दिन प्रति वर्ष |
125 दिन प्रति वर्ष |
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भुगतान का समय |
15 दिन या अधिक |
साप्ताहिक (Weekly) |
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फंडिंग (Funding) |
मजदूरी का 100% केंद्र सरकार |
केंद्र 60% और राज्य 40% (पहाड़ी राज्यों में 90:10) |
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खेती के दौरान काम |
काम चलता रहता था |
बुवाई-कटाई के समय 60 दिन काम बंद (ताकि किसानों को लेबर मिले) |
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फोकस |
सिर्फ मजदूरी |
मजदूरी के साथ 'विकसित भारत' का इंफ्रास्ट्रक्चर |
जी राम जी योजना का विरोध क्यों हो रहा है? (Why is there Opposition?)
हालांकि सरकार इसे मजदूरों के हित में बता रही है, लेकिन Jai Ram Ji Bill को लेकर विपक्ष और कुछ राज्य सरकारें (जैसे पंजाब) हमलावर हैं। विवाद के मुख्य कारण हैं:
- महात्मा गांधी का नाम हटाया: विपक्ष, खासकर कांग्रेस का आरोप है कि योजना से 'महात्मा गांधी' का नाम हटाकर सरकार बापू का अपमान कर रही है।
- राज्यों पर बोझ: पंजाब विधानसभा और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि नए कानून में राज्यों को 40% पैसा देना होगा, जिससे राज्यों के खजाने पर बोझ बढ़ेगा।
- फेडरल ढांचे पर हमला: विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार राज्यों के अधिकार छीनकर खुद ज्यादा पावरफुल बन रही है।
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पात्रता और आवश्यक दस्तावेज (Eligibility for G RAM G Yojana)
यदि आप ग्रामीण क्षेत्र से हैं और G ram g yojana kya hai के तहत लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपके पास निम्नलिखित पात्रता होनी चाहिए:
- आवेदक भारत का नागरिक हो और ग्रामीण क्षेत्र में रहता हो।
- उम्र 18 वर्ष से अधिक हो।
- अकुशल शारीरिक श्रम (Unskilled Manual Work) करने की इच्छा रखता हो।
जरुरी दस्तावेज:
- आधार कार्ड
- बैंक खाता पासबुक
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
मनरेगा खत्म, 'जी राम जी' योजना शुरू: 5 बड़े बदलाव जो आपको जानने ही चाहिए
लगभग दो दशकों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) भारत में ग्रामीण रोजगार का एक जाना-पहचाना नाम रहा है। लेकिन 2005 के बाद से ग्रामीण भारत में एक बड़ा बदलाव आया है—गरीबी घटी है, डिजिटल पहुंच बढ़ी है और लोगों की आकांक्षाएं ऊंची हुई हैं। इसी बदलते परिदृश्य को देखते हुए सरकार ने मनरेगा की जगह एक नया और व्यापक कानून लाने का फैसला किया है, जिसका नाम है 'विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)' या 'वीबी-जी राम जी' (VB-G RAM G)।
सरकार का कहना है कि यह सिर्फ एक नाम का बदलाव नहीं, बल्कि 'विकसित भारत @2047' के दृष्टिकोण के साथ ग्रामीण रोजगार को जोड़ने का एक रणनीतिक प्रयास है। तो, इन बड़े बदलावों का ग्रामीण श्रमिकों और भारत के विकास पर क्या असर पड़ेगा? आइए, उन 5 सबसे बड़े बदलावों को समझते हैं जो इस नए कानून की दिशा तय करेंगे।
1. अब साल में 4 महीने काम की गारंटी
इस नए कानून में सबसे महत्वपूर्ण और सीधा बदलाव काम के दिनों को लेकर है। यह एक बुनियादी रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है। मनरेगा के तहत जहां ग्रामीण परिवारों को एक साल में तीन महीने प्लस के काम की गारंटी मिलती थी, वहीं 'वीबी-जी राम जी' योजना में इसे बढ़ाकर चार महीने प्लस कर दिया गया है।
इसका सीधा मतलब है कि ग्रामीण परिवारों को अब हर साल 25 अतिरिक्त दिनों का काम और आय का अवसर मिलेगा। सरकार इसे ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक प्राथमिक लाभ के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
2. बदला फंडिंग का फॉर्मूला: अब राज्यों पर भी बड़ी ज़िम्मेदारी
फंडिंग के तरीके में एक बहुत बड़ा संरचनात्मक बदलाव किया गया है। जहां मनरेगा में मजदूरी का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी, वहीं 'वीबी-जी राम जी' योजना अब एक 'केंद्र प्रायोजित योजना' (Centrally Sponsored Scheme) होगी। इसके तहत अब फंडिंग का एक नया तर्क अपनाया गया है:
- नया लागत-साझाकरण अनुपात: सामान्य राज्यों में योजना का 60% खर्च केंद्र और 40% राज्य सरकारें उठाएंगी। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 होगा।
- 'नॉरमेटिव आवंटन' की व्यवस्था: यह 'मांग-आधारित' मॉडल से एक बड़ा बदलाव है। अब केंद्र सरकार वस्तुनिष्ठ मानकों के आधार पर राज्यों को एक निश्चित ('नॉरमेटिव') फंड आवंटित करेगी। इस मॉडल का उद्देश्य फंडिंग को अधिक पूर्वानुमानित, तर्कसंगत और न्यायसंगत बनाना है, ताकि संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित हो सके।
इस बदलाव का मतलब है कि राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा, लेकिन साथ ही यह योजना को मानक सरकारी बजट प्रक्रियाओं के साथ भी जोड़ेगा। यह नया वित्तीय ढांचा विपक्षी दलों की ओर से आलोचना का एक प्रमुख बिंदु भी है।
3. किसानों के लिए एक अनोखा 'पॉज़' बटन
नए कानून में एक हैरान करने वाला लेकिन व्यावहारिक प्रावधान जोड़ा गया है। अब राज्य सरकारें खेती के पीक सीजन (बुवाई और कटाई) के दौरान 60 दिनों तक की अवधि के लिए 'नो-वर्क' यानी काम न कराने की घोषणा कर सकती हैं।
इस प्रावधान के पीछे दोहरा तर्क है:
- यह सुनिश्चित करना कि खेती के महत्वपूर्ण कामों के लिए मजदूरों की कमी न हो।
- पीक सीजन के दौरान कृषि मजदूरी की दरों को स्थिर रखना और अत्यधिक महंगाई को रोकना।
यह एक अनोखा बदलाव है, जो योजना की रोजगार गारंटी को स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था की मौसमी मांगों के साथ संतुलित करने का प्रयास करता है।
4. नाम पर बड़ा विवाद: 'महात्मा गांधी' की जगह 'जी राम जी'
योजना के नाम से 'महात्मा गांधी' का नाम हटाकर इसे 'विकसित भारत- जी राम जी' करना एक बड़े राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। विपक्ष ने महात्मा गांधी का नाम हटाने को उनके आदर्शों और विरासत का 'अपमान' बताया है।
लोकसभा में इस बिल का विरोध करते हुए, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा:
"पहले की सरकारों की हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ से परे है।"
वहीं, सरकार ने इसका बचाव करते हुए दो तर्क दिए हैं। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, यह बिल ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने पर केंद्रित है, और यही महात्मा गांधी भी चाहते थे। इसके अलावा, सरकार का आधिकारिक पक्ष यह है कि नया नाम योजना को सीधे 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ता है, ताकि यह केवल एक रोजगार योजना न रहकर राष्ट्र-निर्माण का हिस्सा बने।
5. काम की नई रणनीति और टेक्नोलॉजी का पहरा
यह शायद सबसे परिवर्तनकारी बदलाव है, जो योजना के उद्देश्य और कार्यान्वयन को पूरी तरह बदल देता है। अब जोर सिर्फ रोजगार देने पर नहीं, बल्कि "उत्पादक और टिकाऊ ग्रामीण संपत्ति" बनाने पर है।
चार विषय-आधारित कार्य क्षेत्र: अब सभी सार्वजनिक कार्यों को चार प्राथमिक श्रेणियों में बांटा गया है:
- जल सुरक्षा: जल संरक्षण, सिंचाई, भूजल पुनर्भरण जैसे कार्य।
- मुख्य ग्रामीण अवसंरचना: ग्रामीण सड़कें, सार्वजनिक भवन, स्वच्छता प्रणाली।
- आजीविका-संबंधी अवसंरचना: कृषि, पशुपालन, भंडारण और बाजार से जुड़ी संपत्ति।
- प्रतिकूल मौसम के लिए विशेष कार्य: बाढ़-प्रबंधन, आश्रय स्थल और वनीकरण।
आधुनिक टेक्नोलॉजी-सक्षम शासन: पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार कम करने से आगे बढ़कर, अब एक आधुनिक शासन प्रणाली बनाने पर जोर है।
- एकीकृत योजना: जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और 'विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक' के माध्यम से योजनाओं को पीएम गति शक्ति जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।
- सख्त निगरानी: बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल-आधारित निगरानी और रियल-टाइम डैशबोर्ड का उपयोग किया जाएगा।
- साप्ताहिक भुगतान: मजदूरों के लिए एक बड़ा फायदा यह है कि अब मजदूरी का भुगतान 15 दिनों की बजाय साप्ताहिक आधार पर करने का प्रस्ताव है, जिससे उनके हाथ में नकदी का प्रवाह बेहतर होगा।
महत्वपूर्ण लिंक और PDF डाउनलोड (Important Official Documents)
अगर आप सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक दस्तावेज, बिल की कॉपी और पूरी जानकारी विस्तार से पढ़ना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए लिंक से PDF डाउनलोड कर सकते हैं:
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दस्तावेज का नाम (Document Name) |
डाउनलोड लिंक |
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जी राम जी बिल (संक्षिप्त हिंदी जानकारी) (PIB Summary - 7 Pages) |
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विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025 (पूर्ण बिल) (Full Bill Text - 44 Pages) |
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मनरेगा में सुधार और नए नियम (PIB Explainer) (MGNREGA Reforms Guide) |
Ji Ram Ji Yojana Sach Hai Ya Afwah? (Fact Check)
सोशल मीडिया पर Ji Ram Ji Yojana और Manrega Band hone को लेकर भारी भ्रम है।
अभी यह बिल संसद से पास जरूर हुआ है, लेकिन Ground implementation rules, state notification और budget allocation आना बाकी है।
(FAQ)
Q1: जी राम जी योजना का पूरा नाम क्या है? (What is Ji Ram Ji Full Form)
Ans: इसका पूरा नाम 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)' (VB-G RAM G) है।
Q2: जी राम जी योजना में साल में कितने महीने काम मिलेगा?
Ans: इस नई योजना में साल में चार महीने से ज्यादा रोजगार की गारंटी दी गई है।
Q3: क्या मनरेगा बंद हो जाएगी?
Ans: जी हाँ, नया कानून लागू होने के बाद मनरेगा (MGNREGA) का स्थान Ji Ram Ji Yojana ले लेगी।
Q4: Jai ram ji yojana kya hai और यह कब से लागू होगी?
Ans: यह वही योजना है जिसे जी राम जी कहा जा रहा है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इसके जनवरी 2026 से पूरी तरह लागू होने की संभावना है।
निष्कर्ष
दोस्तों, Viksit bharat ji ram ji yojana निश्चित रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाने वाली है। जहाँ एक तरफ 125 दिन का रोजगार मजदूरों के लिए खुशखबरी है, वहीं राज्यों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ एक चर्चा का विषय है। यह कानून 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है।
अगर आप Vb g ram g bill 2025 pdf डाउनलोड करना चाहते हैं या Jai ram ji yojana full form के बारे में और जानना चाहते हैं, तो आप ग्रामीण विकास मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
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