भारत में महिलाओं के खिलाफ हिंसा एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जो न केवल उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है बल्कि समाज की प्रगति को भी बाधित करती है। इसी समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने वन स्टॉप सेंटर योजना (One Stop Centre Scheme) शुरू की है, जिसे सखी योजना के नाम से भी जाना जाता है। 2026 में यह योजना और मजबूत हो गई है, जहां अब देशभर में 1025 से अधिक केंद्र स्वीकृत हो चुके हैं और 865 केंद्र कार्यरत हैं। इन केंद्रों से अब तक 12.67 लाख से ज्यादा महिलाओं को सहायता मिल चुकी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य हिंसा पीड़ित महिलाओं को एक ही जगह पर चिकित्सा, कानूनी, पुलिस और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना है। यदि आप या आपकी कोई जान-पहचान वाली महिला घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना या किसी अन्य प्रकार की हिंसा का शिकार है, तो यह योजना उनके लिए एक जीवन रक्षक साबित हो सकती है।
आइए जानते हैं कि वन स्टॉप सेंटर योजना क्या है, इसका इतिहास, उद्देश्य, लाभ, सेवाएं और संपर्क कैसे करें। One Stop Centre Scheme 2026: भारत सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनमें से "वन स्टॉप सेंटर स्कीम" (OSC) सबसे प्रमुख है। इसे आमतौर पर 'सखी योजना' के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं की मदद करना है जो घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के शारीरिक और मानसिक शोषण का शिकार हैं। वर्ष 2026 में इस योजना को और भी आधुनिक और प्रभावी बनाया गया है ताकि पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सुविधाएं जैसे—पुलिस सहायता, डॉक्टरी इलाज और कानूनी सलाह मिल सके।
महिलाओं के लिए अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं
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One Stop Centre (OSC) क्या है?
वन स्टॉप सेंटर योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2015 को हुई थी। यह योजना निर्भया फंड के तहत 100% केंद्र द्वारा वित्त पोषित है और मिशन शक्ति के अंतर्गत आती है। योजना का नाम 'सखी' रखा गया है, जो महिलाओं को हिंसा से बचाने और उन्हें सशक्त बनाने का प्रतीक है।
यह योजना महिलाओं को निजी और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली हिंसा से निपटने में मदद करती है। चाहे वह घर, कार्यस्थल, परिवार या समाज हो, पीड़ित महिलाएं एक ही केंद्र पर सभी आवश्यक सेवाएं प्राप्त कर सकती हैं। 2026 में योजना का विस्तार विदेशों में भी हो रहा है, जहां ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, सिंगापुर, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों में 9 नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
योजना की शुरुआत one stop centre scheme launch date से ही महिलाओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हुई है। अब तक देशभर में 700 से अधिक केंद्र स्थापित हो चुके थे, लेकिन 2025 के अंत तक यह संख्या 1025 स्वीकृत केंद्रों तक पहुंच गई है।
वन स्टॉप सेंटर के मुख्य उद्देश्य (Key Objectives)
वन स्टॉप सेंटर योजना का मुख्य लक्ष्य महिलाओं को हिंसा से मुक्त और सशक्त बनाना है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं
- समग्र सहायता: हिंसा पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करना।
- त्वरित पहुँच: हेल्पलाइन नंबर और रेस्क्यू टीम के माध्यम से पीड़ित तक जल्द से जल्द पहुँचना।
- न्याय सुनिश्चित करना: महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और एफआईआर (FIR) दर्ज कराने में मदद करना।
- सुरक्षित आश्रय: घर से बेघर या असुरक्षित महसूस करने वाली महिलाओं को अस्थायी रूप से रहने की जगह देना।
वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य क्या है? यह महिलाओं को हिंसा से बाहर निकालकर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। योजना what is one stop centre scheme की परिभाषा में ही इसका सार छिपा है - एक स्टॉप पर सभी समस्याओं का समाधान।
वन स्टॉप सेंटर योजना के लाभ और फायदे
यह योजना महिलाओं को कई प्रकार के लाभ प्रदान करती है, जो उनके जीवन को आसान और सुरक्षित बनाते हैं। यहां कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं:
- त्वरित सहायता: महिलाएं एक ही जगह पर सभी सेवाएं प्राप्त कर सकती हैं, जिससे समय और प्रयास की बचत होती है।
- निःशुल्क सेवाएं: सभी सेवाएं मुफ्त हैं, जिसमें चिकित्सा, कानूनी सलाह और आश्रय शामिल हैं।
- सुरक्षा और गोपनीयता: महिलाओं की पहचान और जानकारी गोपनीय रखी जाती है।
- मनोवैज्ञानिक समर्थन: ट्रॉमा से उबरने के लिए काउंसलिंग दी जाती है।
- पुनर्वास: आर्थिक और सामाजिक रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है।
- विदेशी विस्तार: अब विदेशों में रहने वाली भारतीय महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
one stop centre scheme for women से महिलाओं को सशक्तिकरण मिलता है, जो समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है। योजना one stop centre scheme funded by निर्भया फंड से चलती है, जो महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित है।
केंद्र पर मिलने वाली प्रमुख सेवाएँ (Services Available)
सखी केंद्रों पर निम्नलिखित सेवाएँ बिल्कुल मुफ्त प्रदान की जाती हैं:
- आपातकालीन बचाव: हिंसा वाली जगह से महिला को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर लाना।
- चिकित्सा सहायता: अस्पताल ले जाना और इलाज सुनिश्चित करना।
- पुलिस सहायता: बिना डरे रिपोर्ट दर्ज कराना।
- कानूनी सलाह: अनुभवी वकीलों के माध्यम से कानूनी लड़ाई में मदद।
- काउंसलिंग: मानसिक तनाव से उबरने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श।
- अस्थायी निवास: महिलाओं और उनके बच्चों (8 वर्ष तक के लड़के) के लिए 5 दिनों तक रुकने की व्यवस्था।
- मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परामर्श: प्रशिक्षित काउंसलर द्वारा समर्थन।
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग: पुलिस और अदालत के बयान दर्ज करने के लिए सुविधा।
- पुनर्वास सेवाएं: कौशल विकास और सरकारी योजनाओं से जुड़ाव।
| सेवा का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| आपातकालीन बचाव | पुलिस, 108 एम्बुलेंस से समन्वय |
| चिकित्सा सहायता | इलाज और फोरेंसिक जांच |
| पुलिस सहायता | FIR दर्ज करने में मदद |
| कानूनी सहायता | निःशुल्क वकील और सलाह |
| काउंसलिंग | मनोवैज्ञानिक समर्थन |
| आश्रय | 5 दिनों तक सुरक्षित रहना |
ये सेवाएं sakhi one stop centre scheme के तहत उपलब्ध हैं, जो महिलाओं को मजबूत बनाती हैं।
आधार कार्ड और बैंकिंग से जुड़ी जरूरी जानकारी
- सिर्फ 2 मिनट में मोबाइल नंबर से अपना आधार कार्ड डाउनलोड करें, यहाँ देखें तरीका
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वन स्टॉप सेंटर योजना के लिए पात्रता और लक्षित समूह
योजना का लाभ किसी भी उम्र, जाति, धर्म या वैवाहिक स्थिति की महिला को मिल सकता है। मुख्य पात्रता:
- हिंसा पीड़ित महिलाएं और 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियां।
- घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, तेजाब हमला, मानव तस्करी आदि की शिकार महिलाएं।
- सशस्त्र संघर्ष या आपदा में हिंसा का सामना करने वाली महिलाएं।
वन स्टॉप सेंटर योजना उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु या अन्य राज्यों में समान रूप से लागू है। one stop centre scheme in tamil nadu में भी यह सक्रिय है।
महत्वपूर्ण सूचना और लिंक्स (Important Links Table)
नीचे दी गई तालिका में आधिकारिक दिशानिर्देश और वेबसाइट के सीधे लिंक दिए गए हैं:
| सेवा का नाम | डायरेक्ट लिंक |
|---|---|
| वन स्टॉप सेंटर गाइडलाइन (PDF) | यहाँ से देखें |
| मिशन शक्ति आधिकारिक पोर्टल | विजिट करें |
| विस्तृत दिशानिर्देश (English) | डाउनलोड करें |
| सरकारी योजनाएं लेटेस्ट अपडेट (WhatsApp) | चैनल ज्वाइन करें |
वन स्टॉप सेंटर से संपर्क कैसे करें?
हिंसा पीड़ित महिला या उसका कोई भी शुभचिंतक (रिश्तेदार, दोस्त या पड़ोसी) सहायता के लिए इन माध्यमों का उपयोग कर सकता है:
- हेल्पलाइन नंबर 181: यह महिलाओं के लिए समर्पित 24 घंटे चलने वाला टोल-फ्री नंबर है।
- पुलिस स्टेशन: नजदीकी थाने में जाकर सखी केंद्र के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
- सीधा संपर्क: हर जिले के सरकारी अस्पताल के पास यह केंद्र स्थित होते हैं, वहाँ सीधे जा सकते हैं।
- आशा या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: आप अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से भी इसके लिए मदद मांग सकते हैं।
वन स्टॉप सेंटर योजना की वर्तमान स्थिति और उपलब्धियां
2026 में योजना की प्रगति प्रभावशाली है:
- 1025 केंद्र स्वीकृत, 865 कार्यरत।
- 12.67 लाख महिलाओं को सहायता।
- विदेशों में 9 नए केंद्र: ऑस्ट्रेलिया, कनाडा आदि।
- मुंबई के कैमा अस्पताल में नया केंद्र जनवरी 2026 में शुरू।
- सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग द्वारा दिसंबर 2025 में केंद्र लॉन्च।
one stop centre scheme year से अब तक लाखों महिलाओं का जीवन बदला है। one stop centre scheme upsc के लिए यह महत्वपूर्ण टॉपिक है।
पेंशन और अन्य उपयोगी ऑनलाइन सेवाएं
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FAQs – वन स्टॉप सेंटर योजना 2026
वन स्टॉप सेंटर योजना की स्थापना किस मंत्रालय की पहल है?
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय।
सखी वन स्टॉप सेंटर क्या है?
यह महिलाओं को हिंसा से बचाने के लिए एकीकृत सेवाएं प्रदान करने वाला केंद्र है।
वन स्टॉप सेंटर योजना कब लागू हुई?
1 अप्रैल 2015 को।
one stop centre scheme logo कहां मिलेगा?
आधिकारिक वेबसाइट पर।
one stop centre scheme pdf कहां डाउनलोड करें?
मंत्रालय की वेबसाइट से।
वन स्टॉप सेंटर में वैकेंसी कैसे मिलेगी?
राज्य स्तर पर भर्ती अधिसूचनाएं देखें।
निष्कर्ष
One Stop Centre Scheme 2026 महिलाओं के लिए सुरक्षा का एक मजबूत कवच है। भारत सरकार की यह पहल सुनिश्चित करती है कि कोई भी महिला संकट के समय में खुद को अकेला न समझे। यदि आपके आसपास किसी महिला के साथ अन्याय हो रहा है, तो उन्हें सखी केंद्र या हेल्पलाइन 181 के बारे में जरूर बताएं। जागरूकता ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है। वन स्टॉप सेंटर योजना 2026 महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना the one stop centre scheme to help women has been set up in हर जिले में उपलब्ध है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती है। यदि आप हिंसा का सामना कर रही हैं, तो तुरंत 181 पर कॉल करें। इस जानकारी को शेयर करें ताकि ज्यादा महिलाएं लाभान्वित हों। योजना one stop centre scheme up, तमिलनाडु या अन्य राज्यों में समान रूप से प्रभावी है।
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