आजकल सरकारी योजनाओं जैसे पीएम किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना योजना या अन्य सब्सिडी स्कीम्स का लाभ उठाने के लिए जमीन की ई-केवाईसी (Bhumi eKYC) बहुत जरूरी हो गई है। खासकर मध्य प्रदेश (MP) में, जहां समग्र पोर्टल और MP भूलेख के जरिए ये प्रक्रिया चल रही है। अगर आपकी जमीन आधार से लिंक नहीं है, तो आपको योजनाओं से वंचित होना पड़ सकता है। इस ब्लॉग पोस्ट में हम स्टेप बाय स्टेप बताएंगे कि जमीन की ई-केवाईसी कैसे करें, इसके फायदे क्या हैं, और स्टेटस कैसे चेक करें। हम अन्य राज्यों की भी संक्षिप्त जानकारी देंगे ताकि आपकी पूरी मदद हो सके।
मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में Bhumi eKYC करवाना अब अनिवार्य हो गया है। यदि आप अपनी जमीन पर मिलने वाली सरकारी सुविधाओं का लाभ जारी रखना चाहते हैं, तो आपको mp bhulekh पोर्टल पर जाकर khasra adhar link की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। bhumi ekyc portal registration कैसे करें और samagra ekyc status कैसे चेक करें। ये गाइड 2026 की लेटेस्ट अपडेट्स पर आधारित है, जैसे नया WebGIS 2.0 पोर्टल। हमने सरकारी साइट्स से वेरिफाइड जानकारी ली है, ताकि आप आसानी से घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से ये काम कर सकें। चलिए शुरू करते हैं!
भूमि ई-केवाईसी (Bhumi eKYC) क्या है और क्यों जरूरी है?
भूमि ई-केवाईसी (Bhumi eKYC) जमीन के रिकॉर्ड्स (जैसे खसरा, खतौनी, भूलेख) को आपके आधार नंबर से लिंक करने की ऑनलाइन प्रक्रिया है। ये KYC (Know Your Customer) का इलेक्ट्रॉनिक वर्जन है, जो UIDAI (Unique Identification Authority of India) द्वारा मैनेज होता है। जब आप bhumi ekyc portal login करके अपनी जमीन को लिंक करते हैं, तो आपकी संपत्ति aadhar samagra e kyc के माध्यम से सुरक्षित हो जाती है। इसके बिना भविष्य में सरकारी योजनाओं जैसे PM-Kisan या फसल बीमा का लाभ मिलना मुश्किल हो सकता है।
- KYC क्या है?: ये ग्राहक की पहचान वेरिफाई करने की प्रक्रिया है, जो बैंकिंग या सरकारी सेवाओं में यूज होती है।
- eKYC क्या है?: ये ऑनलाइन वर्जन है, जहां OTP या बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आईरिस) से वेरिफिकेशन होता है। ये तेज, सुरक्षित और पेपरलेस है।
- भूमि केवाईसी का मकसद: फर्जीवाड़ा रोकना, जमीन सुरक्षित रखना और सरकारी लाभ आसानी से पहुंचाना। मध्य प्रदेश में ये राजस्व महा अभियान का हिस्सा है।
अगर आप किसान हैं या जमीन मालिक, तो ये प्रक्रिया पूरी करने से आपकी प्रॉपर्टी पर कोई फ्रॉड नहीं हो सकता।
जमीन की ई-केवाईसी के फायदे
ई-केवाईसी (eKYC) करने से कई लाभ मिलते हैं, जो आपकी जिंदगी आसान बनाते हैं:
- फ्रॉड से सुरक्षा: बेनामी प्रॉपर्टी या फर्जी ट्रांसफर रुक जाता है।
- नोटिफिकेशन अलर्ट: जमीन की खरीद-बिक्री पर मोबाइल पर SMS मिलता है।
- समय की बचत: घर बैठे ऑनलाइन करें, ऑफिस जाने की जरूरत नहीं।
- सरकारी योजनाओं का लाभ: पीएम-किसान, राशन कार्ड या अन्य सब्सिडी के लिए जरूरी।
- डिजिटल सिक्योरिटी: रिकॉर्ड्स सुरक्षित रहते हैं, पेपर लॉस का डर नहीं।
- अन्य राज्यों में भी लागू: जैसे उत्तर प्रदेश, राजस्थान में भी ये चल रहा है, जहां लो इनकम ग्रुप्स को ज्यादा फायदा।
2026 में, MP में 85% से ज्यादा लैंड रिकॉर्ड्स डिजिटाइज हो चुके हैं, जो इसे आसान बनाता है।
मध्य प्रदेश में जमीन की ई-केवाईसी कैसे करें? (MP Bhulekh eKYC Process)
मध्य प्रदेश में दो मुख्य पोर्टल्स हैं: समग्र पोर्टल (Samagra Portal) और MP भूलेख (MP Bhulekh)। दोनों से आधार लिंक करना जरूरी है। मोबाइल से करना आसान है, लेकिन अगर समस्या हो तो CSC सेंटर या MPOnline कियोस्क जाएं। यहां स्टेप्स:
मध्य प्रदेश राजस्व विभाग ने अब अपना नया पोर्टल WebGIS 2.0 लॉन्च कर दिया है। अब भूमि से जुड़े अधिकतर काम इसी नए पोर्टल से होंगे . यहां से सीधे भूमिस्वामी आधार eKYC करने का तरीका समझिए:
नए MP भूलेख (WebGIS 2.0) पोर्टल से eKYC कैसे करें? (स्टेप बाय स्टेप)
स्टेप 1: वेबसाइट पर जाएं और लॉगिन करें
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://webgis2.mpbhulekh.gov.in/ पर जाएं। अगर आप नए यूजर हैं तो "नागरिक उपयोगकर्ता" (Citizen User) के तहत पंजीकरण (Registration) करें। पुराने यूजर सीधे लॉगिन (Login) करें .
स्टेप 2: भूधारी ईकेवाईसी (Bhoodhari eKYC) विकल्प चुनें
लॉगिन करते ही आपका डैशबोर्ड खुल जाएगा। यहां बाईं तरफ या डैशबोर्ड में "भूधारी ईकेवाईसी" (Bhoodhari eKYC) नाम का विकल्प दिखेगा। इस पर क्लिक करें .
स्टेप 3: नवीन आवेदन (New Application) शुरू करें
नए पेज पर "नवीन आवेदन" (New Application) बटन पर क्लिक करें। इसके बाद एक पॉप-अप बॉक्स आएगा, उसे OK कर दें।
स्टेप 4: अपने गांव और खसरे की जानकारी भरें
अब आपको अपना जिला, तहसील और ग्राम पंचायत/गांव सेलेक्ट करना है। इसके बाद आप खसरा संख्या, भू-स्वामी के नाम या प्लॉट संख्या में से किसी एक विकल्प से अपनी जमीन को सर्च कर सकते हैं . जानकारी भरने के बाद "विवरण देखें" बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 5: अपना नाम चुनें और eKYC प्रक्रिया शुरू करें
सर्च करने पर आपके गांव के खसरे की लिस्ट खुल जाएगी। इस लिस्ट में अपना नाम ढूंढें और सामने दिए गए "कार्यवाही" (Action) या तीन डॉट्स (...) पर क्लिक करें। यहां "eKYC" का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें .
स्टेप 6: आधार नंबर और OTP से सत्यापन करें
एक नया विंडो खुलेगा। इसमें अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालकर "OTP जनरेट करें" बटन दबाएं। आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, जिसे दर्ज करके सत्यापन पूरा करें .
स्टेप 7: जानकारी मिलान कर सेव करें
OTP सत्यापन के बाद आपके सामने दो तरह की जानकारी आएगी। पहला, भू-अभिलेख के अनुसार आपका नाम और दूसरा, आधार के अनुसार आपका नाम। अगर दोनों मिलान हो जाते हैं तो "सेव करें" (Save) बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 8: मोबाइल नंबर सत्यापन और फाइनल सबमिट
अब अपना मोबाइल नंबर डालकर "गेट OTP" करें और उसे वेरिफाई करें। इसके बाद आखिर में एक पुष्टिकरण संदेश (Confirmation Message) आएगा, जिसमें "हाँ" (Yes) या "जमा करें" बटन दबाकर प्रक्रिया पूरी करें। अब आपका आवेदन पटवारी जी के पास अनुमोदन के लिए चला गया है।
समग्र पोर्टल (Samagra Portal) से भूमि लिंक करने की प्रक्रिया
मध्य प्रदेश में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सबसे पहले समग्र ईकेवाईसी (Samagra eKYC) करना जरूरी है। यह प्रक्रिया आपके परिवार की पहचान को डिजिटल रूप से सत्यापित करती है . इसके बाद आप अपनी समग्र आईडी से भूमि लिंक कर सकते हैं।
समग्र पोर्टल पर eKYC करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें :
- सबसे पहले, समग्र पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट samagra.gov.in पर जाएं।
- होम पेज पर "eKYC" या "समग्र आईडी से भूमि लिंक करें" विकल्प पर क्लिक करें।
- अपनी 9 अंकों की समग्र आईडी (Samagra ID) और दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करके "सर्च" बटन दबाएं।
- आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) आएगा। उसे दर्ज करके मोबाइल नंबर वेरिफाई करें।
- अब आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा। पूछे जाने पर "क्या आपके पास मध्य प्रदेश में भूमि है?" में "हाँ" का चयन करें।
- अपने जिले, तहसील, गांव और खसरा नंबर (Khasra Number) की जानकारी भरें। आप एक से अधिक खसरे भी जोड़ सकते हैं।
- अब अपना आधार नंबर (Aadhaar Number) दर्ज करें और OTP से वेरिफाई करें।
- सभी जानकारी चेक करने के बाद "Proceed" या "जमा करें" बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपका आवेदन पटवारी के अनुमोदन के लिए भेज दिया जाएगा।
आधार अपडेट व लिंकिंग गाइड
- आधार अपडेट या सुधार कैसे करें – घर बैठे पूरी प्रक्रिया देखें!
- Aadhaar Bank Seeding Status ऑनलाइन ऐसे चेक करें – तुरंत पता करें लिंक है या नहीं!
- आधार से सरकारी योजना का लाभ कैसे लें – जरूरी बातें जान लें वरना लाभ रुक सकता है
टिप्स:
- आधार में मोबाइल लिंक होना जरूरी।
- अगर पोर्टल नहीं काम कर रहा (eKYC Portal Not Working), तो ब्राउजर कैश क्लियर करें या ऐप यूज करें।
- CSC से करवाएं तो ₹50 तक चार्ज लग सकता है।
जमीन से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड
- UP Bhulekh Naksha ऑनलाइन कैसे देखें – मिनटों में अपनी जमीन का नक्शा निकालें!
- जमाबंदी/खतौनी ऑनलाइन कैसे निकालें – पूरा तरीका यहां जानें!
- जमीन का रसीद ऑनलाइन कैसे काटें – अब खुद से करें भुगतान!
ई-केवाईसी स्टेटस कैसे चेक करें?
अपने आवेदन की समग्र ईकेवाईसी स्टेटस (bhumi ekyc login) जांचना बहुत आसान है।
- समग्र पोर्टल पर: samagra.gov.in पर लॉगिन करके आप अपनी प्रोफाइल में देख सकते हैं कि eKYC पूरी हुई या लंबित है .
- MP भूलेख पोर्टल पर: आप उसी प्रक्रिया से दोबारा लॉगिन करके अपना खसरा सर्च करें। अगर eKYC हो चुकी है, तो आपको उसके सामने "eKYC Complete" या टिक का निशान दिख जाएगा।
अन्य राज्यों में जमीन की ई-केवाईसी कैसे करें?
- उत्तर प्रदेश (UP Bhumi KYC): भूलेख UP पोर्टल पर आधार लिंक, भूस्वामी eKYC।
- राजस्थान (Bhumi eKYC Rajasthan): राजस्व विभाग पोर्टल से।
- हिमाचल प्रदेश (HP Bhumi KYC): हिमभूमि पोर्टल पर पटवारी से या ऑनलाइन।
- छत्तीसगढ़ (Bhumihin KYC CG): भूमिहीन योजना के लिए eKYC।
हर राज्य में प्रक्रिया थोड़ी अलग है, लेकिन आधार OTP बेस्ड है।
महत्वपूर्ण लिंक्स
| महत्वपूर्ण सेवा (Service Name) | आधिकारिक लिंक (Direct Link) |
|---|---|
| Bhumi eKYC Portal (WebGIS 2.0) | यहाँ से आवेदन करें |
| Samagra Portal Bhumi Link Online | समग्र आईडी से लिंक करें |
| Aadhaar Verification Link | आधार वेरिफिकेशन करें |
| Ekyc Status | bhumi kyc login |
किसान योजनाएं व eKYC अपडेट
- PM Kisan eKYC स्टेटस और नई किश्त चेक करें – गलती होगी तो पैसा अटक जाएगा!
- PM Kisan Beneficiary Status आधार नंबर से ऐसे देखें – 2 मिनट में कन्फर्म करें!
- PM Kisan 20वीं किस्त कब आएगी? लाइव डेट और स्टेटस यहां देखें!
निष्कर्ष
भूमि ई-केवाईसी (Bhumi eKYC) अब मध्य प्रदेश के हर भू-स्वामी के लिए एक जरूरी प्रक्रिया बन चुकी है। यह न सिर्फ आपकी जमीन को सुरक्षित रखता है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी अनिवार्य है। ऊपर बताई गई स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया को फॉलो करके आप मोबाइल से केवाईसी कैसे चेक करें से लेकर पूरी प्रक्रिया आसानी से घर बैठे पूरी कर सकते हैं।
जमीन की ई-केवाईसी (Bhumi eKYC) 2026 में अनिवार्य है, ताकि आपकी प्रॉपर्टी सुरक्षित रहे और सरकारी लाभ मिलें। ऊपर दी गई स्टेप्स फॉलो करें, और अगर समस्या हो तो हेल्पलाइन (0755-4291604) कॉल करें। ये प्रक्रिया पूरी करने से आप फ्रॉड से बचेंगे और योजनाओं का फुल बेनिफिट लेंगे। पोस्ट पसंद आई तो शेयर करें, और कमेंट में पूछें अगर कोई डाउट हो। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे दूसरे किसानों और दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। कोई भी सवाल या सुझाव हो तो कमेंट में जरूर बताएं! जय हिंद!
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