Mukhyamantri Dairy Plus Yojana: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के पशुपालकों, किसानों और ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। "मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना" के माध्यम से अब प्रदेश का कोई भी नागरिक कम लागत में अपना डेयरी व्यवसाय शुरू कर सकता है। इस योजना के तहत सरकार उच्च नस्ल की मुर्रा भैंस (Murrah Buffalo) खरीदने के लिए 50% से लेकर 75% तक का अनुदान (Subsidy) प्रदान कर रही है।
यह योजना न सिर्फ ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रही है, बल्कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर पशुपालकों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर रही है। आइए जानते हैं इस योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से। इस लेख में हम आपको Mukhyamantri Dairy Plus Yojana MP से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी देंगे, जैसे आवेदन कैसे करें, पात्रता क्या है और आपको कितनी सब्सिडी मिलेगी।
Mukhyamantri Dairy Plus Yojana क्या है?
यह योजना पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा चलाई जा रही है। इसमें सरकार लाभार्थियों को दो गर्भवती मुर्रा भैंसें सब्सिडी पर उपलब्ध कराती है। मुर्रा नस्ल की भैंसें सबसे ज्यादा दूध देने वाली मानी जाती हैं – एक भैंस रोजाना 8 से 12 लीटर तक दूध दे सकती है। दो भैंसों से आप रोज 20 लीटर या इससे ज्यादा दूध प्राप्त कर सकते हैं, जिससे मासिक कमाई 20-30 हजार रुपये तक आसानी से हो सकती है।
योजना की खास बात यह है कि लाभ केवल किसानों तक सीमित नहीं है – कोई भी मध्य प्रदेश का निवासी, जिसके पास पशु रखने की जगह हो, आवेदन कर सकता है। इससे युवा और महिलाएं घर बैठे डेयरी व्यवसाय चला सकते हैं।
योजना की शुरुआत 29 सितंबर 2022 को की गई थी और अब तक प्रदेश के हजारों पशुपालक इसका लाभ ले चुके हैं। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ केवल किसान ही नहीं, बल्कि कोई भी आम नागरिक उठा सकता है।है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को दो उन्नत मुर्रा नस्ल की गर्भवती भैंसें
योजना का उद्देश्य
- राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना
- ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना
- पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाना
- उच्च गुणवत्ता वाली नस्लों के माध्यम से दूध उत्पादन क्षमता में वृद्धि
- छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करना
योजना का संक्षिप्त विवरण (Overview)
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विषय |
विवरण |
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योजना का नाम |
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना |
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कहां लागू है |
मध्य प्रदेश (सभी जिले) |
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संबंधित विभाग |
पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्य प्रदेश |
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मुख्य लाभ |
दो मुर्रा नस्ल की गर्भवती भैंसों पर अनुदान |
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कुल इकाई लागत |
लगभग ₹2,95,000 |
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सामान्य वर्ग के लिए सब्सिडी |
50% (लाभार्थी अंशदान: ₹1,47,500) |
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SC/ST वर्ग के लिए सब्सिडी |
75% (लाभार्थी अंशदान: ₹73,750) |
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पशु नस्ल |
मुर्रा (उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता) |
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आवेदन प्रक्रिया |
ऑफलाइन (नजदीकी पशु चिकित्सा कार्यालय में) |
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आधिकारिक वेबसाइट |
mpdah.gov.in |
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हेल्पलाइन नंबर |
0755-2772262 |
योजना के प्रमुख लाभ सब्सिडी और लागत
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के तहत पशुपालकों को कई महत्वपूर्ण लाभ दिए जाते हैं:
योजना की कुल इकाई लागत लगभग 2.95 लाख रुपये है (भैंसों की खरीद, परिवहन, बीमा, यात्रा व्यय सहित)।
- सामान्य और पिछड़ा वर्ग (OBC): 50% सब्सिडी – सरकार की ओर से करीब 1.47 लाख रुपये की मदद, आपको जमा करना होगा 1.47 लाख रुपये।
- अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST): 75% सब्सिडी – सरकार की ओर से करीब 2.21 लाख रुपये की मदद, आपको जमा करना होगा सिर्फ 73,750 रुपये।
इसमें तीन साल का पशु बीमा, हरियाणा/पंजाब से भैंस चुनने की यात्रा, खान-पान और परिवहन का खर्च भी सरकार वहन करती है। भैंसें आपकी पसंद की होंगी – आप खुद जाकर चुन सकते हैं।
2. उच्च गुणवत्ता वाली नस्ल
- मुर्रा नस्ल की भैंसें भारत में सबसे अधिक दूध देने वाली नस्लों में शामिल
- प्रतिदिन 8-12 लीटर तक दूध उत्पादन क्षमता
- दूध में वसा (फैट) की मात्रा 7-9% तक
3. अतिरिक्त सुविधाएं
- पशुओं का तीन वर्षों का बीमा शामिल
- परिवहन व्यय सरकार वहन करती है
- भैंस चयन के लिए हरियाणा/पंजाब भ्रमण का खर्च सरकार देती है
- भ्रमण के दौरान भोजन और आवास की व्यवस्था
4. स्थायी आय का स्रोत
- दो भैंसों से प्रतिदिन 20-25 लीटर तक दूध उत्पादन
- मासिक आय ₹25,000 से ₹40,000 तक संभव
- 4-5 महीने में ही प्रारंभिक लागत की वसूली
डेयरी और पशुपालक के लिए जरूरी योजनाएं
- पशुओं के लिए सस्ता लोन चाहिए? अभी जानें Pashu Kisan Credit Card कैसे बनवाएं
- फसल या पशु नुकसान पर मुआवजा कैसे मिलेगा? देखें PM Fasal Bima Yojana List
- डेयरी शुरू करने से पहले Kisan Credit Card के बड़े फायदे जरूर जान लें
योजना की पात्रता (Eligibility Criteria)
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे:
- निवास: आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए
- समग्र आईडी: आवेदक के पास मध्य प्रदेश की समग्र आईडी (Samagra ID) होनी आवश्यक
- पशुपालक होना: आवेदक पशुपालक होना चाहिए या डेयरी व्यवसाय शुरू करने का इच्छुक हो
- आवास व्यवस्था: पशुओं को रखने के लिए उचित शेड और पानी की व्यवस्था
- बैंक खाता: सब्सिडी राशि प्राप्त करने के लिए सक्रिय बैंक खाता
- आयु सीमा: कोई विशेष आयु सीमा निर्धारित नहीं, लेकिन युवाओं को प्राथमिकता
कौन-कौन आवेदन कर सकता है?
- किसान और पशुपालक
- ग्रामीण युवा (बेरोजगार)
- कोई भी आम नागरिक (गैर-किसान भी)
- महिलाएं और स्वयं सहायता समूह
- सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी सभी वर्ग के लोग
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
योजना में आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
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दस्तावेज |
विवरण |
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आधार कार्ड |
पहचान और निवास प्रमाण के लिए |
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समग्र आईडी |
मध्य प्रदेश सरकार की समग्र पोर्टल आईडी |
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जाति प्रमाण पत्र |
एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के लिए (यदि लागू हो) |
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निवास प्रमाण पत्र |
मध्य प्रदेश निवास सिद्ध करने के लिए |
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बैंक पासबुक की कॉपी |
खाता संख्या, IFSC कोड सहित |
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आय प्रमाण पत्र |
यदि आवश्यक हो |
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पासपोर्ट साइज फोटो |
2-3 हालिया फोटो |
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मोबाइल नंबर |
सक्रिय मोबाइल नंबर |
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भूमि/पशु आवास का प्रमाण |
पशु शेड की उपलब्धता का प्रमाण |
आवेदन प्रक्रिया (Application Process)
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना में आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन है। इच्छुक लाभार्थी निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
चरण 1: आवेदन फॉर्म प्राप्त करें
अपने नजदीकी पशु चिकित्सा कार्यालय, ग्राम पंचायत कार्यालय, या ब्लॉक विकास कार्यालय में संपर्क करें और योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
चरण 2: फॉर्म भरें और दस्तावेज संलग्न करें
- आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरें
- सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करें
- बैंक ड्राफ्ट (अपने हिस्से की राशि का) भी संलग्न करना होगा
चरण 3: आवेदन जमा करें
विधिवत भरे हुए आवेदन फॉर्म को सभी दस्तावेजों के साथ पशु चिकित्सा अधिकारी या उपसंचालक पशु चिकित्सा के कार्यालय में जमा करें।
चरण 4: रसीद प्राप्त करें
आवेदन जमा करने के बाद रसीद या पावती अवश्य प्राप्त करें, जिसमें जमा करने की तिथि और समय अंकित हो।
आवेदन के बाद की प्रक्रिया
आवेदन जमा करने के बाद निम्नलिखित चरणों से होकर गुजरना होता है:
चरण 1: ग्राम सभा में अनुमोदन
सबसे पहले आवेदन को आवेदक के गांव की ग्राम सभा में अनुमोदन के लिए रखा जाता है।
चरण 2: जनपद पंचायत स्तर पर अनुमोदन
ग्राम सभा से अनुमोदित लाभार्थियों की सूची जनपद पंचायत की बैठक में भेजी जाती है।
चरण 3: जिला पंचायत स्तर पर अंतिम अनुमोदन
जनपद पंचायत से अनुमोदन के बाद, आवेदन जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति की बैठक में अंतिम रूप से अनुमोदित किया जाता है।
चरण 4: भैंसों की खरीद प्रक्रिया
- अनुमोदन के बाद, लाभार्थियों को एक समूह में पशु चिकित्सक के नेतृत्व में हरियाणा (करनाल, रोहतक, हिसार) या पंजाब भेजा जाता है
- वहां लाभार्थी अपनी पसंद की उन्नत मुर्रा नस्ल की भैंसों का चयन करते हैं
- सरकार द्वारा यात्रा, भोजन, आवास और परिवहन का खर्च वहन किया जाता है
चरण 5: सब्सिडी वितरण
- भैंसों की खरीद के बाद, सब्सिडी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेज दी जाती है
मुर्रा नस्ल की विशेषताएं और लाभ
मुर्रा नस्ल भारत में सबसे लोकप्रिय और उन्नत भैंस नस्लों में से एक है। इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
दुग्ध उत्पादन क्षमता
- एक स्वस्थ मुर्रा भैंस प्रतिदिन 10-15 लीटर तक दूध दे सकती है
- दो भैंसों से प्रतिदिन 20-30 लीटर दूध उत्पादन संभव
दूध की गुणवत्ता
- दूध में वसा (फैट) की मात्रा 7-9% तक
- घी, पनीर, खोया बनाने के लिए उत्तम
- बाजार में अधिक मूल्य मिलता है
अन्य विशेषताएं
- रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक
- जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशील
- जल्दी परिपक्व होती हैं
- गर्भवती भैंसें दी जाती हैं, जिससे तुरंत दूध उत्पादन शुरू हो जाता है
मध्य प्रदेश की अन्य लाभकारी योजनाएं
- Mukhyamantri Sikho Kamao Yojana में आवेदन करके हर महीने स्टाइपेंड पाएं – पूरी जानकारी यहां
- Mukhyamantri Yuva Internship Yojana MP में 8,000₹ तक का लाभ – अभी रजिस्ट्रेशन करें
- Sant Ravidas Swarojgar Yojana MP से लोन लेकर खुद का व्यवसाय शुरू करें
महत्वपूर्ण लिंक और संपर्क सूत्र
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विवरण |
लिंक/जानकारी |
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आधिकारिक वेबसाइट |
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हेल्पलाइन नंबर |
0755-2772262 |
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ईमेल आईडी |
dirveterinary@mp.gov.in |
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योजना से संबंधित अधिक जानकारी |
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पशुपालन विभाग का कार्यालय |
जिला पशु चिकित्सा कार्यालय, संबंधित जिला |
(FAQs)
प्रश्न 1: क्या इस योजना का लाभ केवल किसान ही ले सकते हैं?
उत्तर: नहीं, योजना का लाभ कोई भी आम नागरिक ले सकता है। किसान होना अनिवार्य नहीं है।
प्रश्न 2: क्या गाय खरीदने पर भी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: नहीं, यह योजना केवल मुर्रा नस्ल की भैंसों की खरीद के लिए है।
प्रश्न 3: योजना में आवेदन के लिए क्या कोई आयु सीमा है?
उत्तर: कोई निर्धारित आयु सीमा नहीं है, लेकिन युवाओं और बेरोजगारों को प्राथमिकता दी जाती है।
प्रश्न 4: क्या मैं केवल एक भैंस खरीद सकता हूं?
उत्तर: नहीं, योजना के तहत केवल दो भैंसों की एक साथ खरीद पर ही सब्सिडी मिलती है।
प्रश्न 5: सब्सिडी की राशि कब और कैसे मिलती है?
उत्तर: भैंसों की खरीद के बाद सब्सिडी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेज दी जाती है।
प्रश्न 6: क्या शहरी क्षेत्रों के निवासी आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: हां, यदि उनके पास पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त स्थान और उचित आवास की व्यवस्था है।
प्रश्न 7: योजना के तहत कितने दिनों में भैंसें मिल जाती हैं?
उत्तर: आवेदन स्वीकृति के बाद, समूह बनाकर आमतौर पर 2-3 महीने के भीतर भैंसें उपलब्ध करा दी जाती हैं।
प्रश्न 8: क्या भैंसों का बीमा भी योजना में शामिल है?
उत्तर: हां, तीन वर्षों का पशु बीमा योजना की कुल लागत में शामिल है।
प्रश्न 9: क्या अन्य राज्यों के निवासी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
उत्तर: नहीं, यह योजना केवल मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए है।
प्रश्न 10: क्या महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं?
उत्तर: हां, महिलाएं भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं और उन्हें प्राथमिकता दी जाती है।
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निष्कर्ष
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना मध्य प्रदेश के पशुपालकों और ग्रामीण युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। 50% से 75% तक के भारी अनुदान के साथ, यह योजना न केवल डेयरी व्यवसाय शुरू करने में मदद करती है, बल्कि एक स्थायी आय का स्रोत भी प्रदान करती है।
योजना के तहत मिलने वाली मुर्रा नस्ल की उन्नत भैंसें उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली हैं, जिससे पशुपालक प्रतिदिन 20-25 लीटर दूध उत्पादन करके अच्छी कमाई कर सकते हैं। साथ ही, भैंसों के चयन के लिए हरियाणा भ्रमण, परिवहन, बीमा जैसी सुविधाएं सरकार द्वारा प्रदान की जाती हैं।
यदि आप भी मध्य प्रदेश के निवासी हैं और डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो देर न करें। आज ही अपने नजदीकी पशु चिकित्सा कार्यालय में संपर्क करें और इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
अस्वीकरण: यह लेख विभिन्न सरकारी स्रोतों, आधिकारिक वेबसाइटों और समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। योजना से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए कृपया आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग से संपर्क करें।
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