EPF & Gratuity Calculator 2026: पीएफ और ग्रेच्युटी का पैसा एक साथ निकालें

EPF & Gratuity Combo Calculator

Salaried employees apne Provident Fund (PF) aur Gratuity ki rashi ek hi jagah turant check karein.





EPF और ग्रेच्युटी कैलकुलेटर (EPF & Gratuity Calculator 2026) क्या है?

किसी भी संगठित क्षेत्र (Organized Sector) में काम करने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों (Salaried Employees) के लिए रिटायरमेंट या नौकरी बदलने के समय मिलने वाली वित्तीय राशि का बहुत बड़ा महत्व होता है। नौकरी के दौरान हर महीने हमारी सैलरी से कटने वाला **कर्मचारी भविष्य निधि (EPF - Employees' Provident Fund)** और कंपनी द्वारा लंबी सेवा के बदले दी जाने वाली **ग्रेच्युटी (Gratuity)**, ये दोनों ही हमारे भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के मुख्य स्तंभ हैं।

आमतौर पर इंटरनेट पर पीएफ और ग्रेच्युटी कैलकुलेट करने के लिए अलग-अलग वेबसाइट्स पर जाना पड़ता है, जिससे कर्मचारियों को काफी उलझन होती है। इसी समस्या के समाधान के लिए हमने यह आधुनिक 2-in-1 Combo EPF & Gratuity Calculator तैयार किया है। इसकी मदद से कोई भी प्राइवेट या सरकारी कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और सेवा के वर्षों के आधार पर अपने कुल पीएफ फंड और ग्रेच्युटी की राशि की गणना एक ही स्थान पर बिल्कुल सटीक रूप से कर सकता है।

EPF & Gratuity Calculator 2026: पीएफ और ग्रेच्युटी का पैसा एक साथ निकालें

इस कॉम्बो टूल (Combo Calculator) की मुख्य विशेषताएं:

  • एक साथ डबल कैलकुलेशन: आपको अलग-अलग टैब (Tabs) मिलते हैं जिससे आप एक ही स्क्रीन पर बिना पेज रिफ्रेश किए पीएफ और ग्रेच्युटी दोनों का विवरण देख सकते हैं।
  • श्रम कानून और ईपीएफओ के नियमों पर आधारित: यह कैलकुलेटर ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के अधिकारिक (15/26) फॉर्मूले और EPFO के नवीनतम 8.25% ब्याज दर के ढांचे पर काम करता है।
  • पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी: यह टूल पूरी तरह से क्लाइंट-साइड कोड पर चलता है, जिसका मतलब है कि आपका कोई भी सैलरी डेटा हमारे सर्वर पर स्टोर नहीं होता है।

सैलरी के आधार पर ईपीएफ और ग्रेच्युटी का अनुमानित विवरण (2026)

यह समझने के लिए कि आपकी वर्तमान सैलरी के हिसाब से रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने पर आपको लगभग कितना पैसा मिल सकता है, नीचे दी गई तालिका को देखें। यहाँ हमने ईपीएफ की गणना 10 साल की शेष सेवा (Interest Rate 8.25%) और ग्रेच्युटी की गणना 5 साल की न्यूनतम सेवा के आधार पर की है:

बेसिक सैलरी + DA (मासिक) 10 साल में कुल ईपीएफ फंड (Accumulated PF) 5 साल पूरे होने पर ग्रेच्युटी (Gratuity Amount)
Rs. 15,000 Rs. 3,67,174 Rs. 43,269
Rs. 25,000 Rs. 6,11,956 Rs. 72,115
Rs. 40,000 Rs. 9,79,130 Rs. 1,15,385
Rs. 50,000 Rs. 12,23,913 Rs. 1,44,231
Rs. 75,000 Rs. 18,35,869 Rs. 2,16,346

*नोट: ईपीएफ की इस गणना में नियोक्ता (Employer) के केवल उस हिस्से (3.67%) को शामिल किया गया है जो सीधे आपके पीएफ खाते में जाता है। नियोक्ता का बाकी 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में ट्रांसफर हो जाता है। वास्तविक आंकड़े आपके ज्वाइनिंग मंथ और पीएफ बैलेंस के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।*

ईपीएफ (PF) और ग्रेच्युटी की गणना के नियम और अधिकारिक सूत्र

इन दोनों वित्तीय लाभों की गणना के लिए भारत सरकार और श्रम मंत्रालय द्वारा अलग-अलग नियम बनाए गए हैं, जिनका गणित नीचे समझाया गया है:

1. ईपीएफ (Employees' Provident Fund) का नियम:

आपकी बेसिक सैलरी + DA का 12% हिस्सा आपके वेतन से कटकर पीएफ खाते में जाता है। ठीक उतना ही (12%) आपका नियोक्ता भी देता है। लेकिन नियोक्ता के 12% में से 8.33% हिस्सा पेंशन फंड (EPS) में चला जाता है और केवल 3.67% ही आपके एक्टिव पीएफ बैलेंस में जुड़ता है। इस पूरे जमा फंड पर सरकार सालाना चक्रवृद्धि ब्याज (Annual Compound Interest) देती है।

2. ग्रेच्युटी (Gratuity Act 1972) का सूत्र:

ग्रेच्युटी कंपनी की तरफ से कर्मचारी को मिलने वाला एक एकमुश्त उपहार है, जो लगातार 5 साल या उससे अधिक सेवा देने पर मिलता है। इसका आधिकारिक सूत्र निम्नलिखित है:

Gratuity = (Last Drawn Salary × 15 × Service Years) / 26

यहाँ 26 का अर्थ महीने के वर्किंग डेज (Working Days) से है और 15 का मतलब हर साल की सेवा के बदले 15 दिनों की सैलरी से है।

(FAQs)

Q1. ग्रेच्युटी पाने के लिए क्या पूरे 5 साल तक लगातार काम करना अनिवार्य है?

Ans: पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के अनुसार, किसी कंपनी में कम से कम 5 वर्ष की निरंतर सेवा (Continuous Service) पूरी करना जरूरी है। हालांकि, कुछ अदालती फैसलों के अनुसार यदि कर्मचारी ने पांचवें वर्ष में 4 साल 190 दिन (या 240 दिन पांच दिन के वर्किंग स्ट्रक्चर के अनुसार) काम कर लिया है, तो उसे 5 साल मानकर ग्रेच्युटी का हकदार माना जाता है।

Q2. यदि कोई कर्मचारी 5 साल से पहले नौकरी छोड़ देता है, तो क्या उसका पीएफ का पैसा डूब जाता है?

Ans: बिल्कुल नहीं! ग्रेच्युटी के लिए 5 साल का नियम है, लेकिन ईपीएफ (PF) के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है। अगर आप 6 महीने या 1 साल बाद भी नौकरी बदलते हैं, तो आपका पूरा जमा पीएफ फंड ब्याज सहित सुरक्षित रहता है। आप इसे अपनी नई कंपनी में ट्रांसफर (UAN के जरिए) कर सकते हैं या बेरोजगार होने की स्थिति में पूरा निकाल सकते हैं।

Q3. ईपीएफओ (EPFO) में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज की गणना कैसे होती है?

Ans: पीएफ खाते में ब्याज की गणना मासिक आधार (Monthly Running Balance) पर की जाती है, लेकिन यह ब्याज कर्मचारी के खाते में वित्तीय वर्ष के अंत में (31 मार्च को) एक साथ क्रेडिट (जमा) किया जाता है। हमारा यह स्मार्ट ईपीएफ कैलकुलेटर इसी चक्रवृद्धि ब्याज के आधार पर दूरगामी फंड की गणना करता है।

Q4. क्या कंपनी अधिकतम कितनी भी राशि ग्रेच्युटी के रूप में दे सकती है, या इसकी कोई सीमा है?

Ans: टैक्स-फ्री ग्रेच्युटी की एक अधिकतम कानूनी सीमा तय की गई है। आयकर नियमों के तहत किसी भी कर्मचारी को मिलने वाली अधिकतम ₹20 लाख तक की ग्रेच्युटी पूरी तरह से टैक्स-फ्री होती है। यदि कोई कंपनी इससे अधिक ग्रेच्युटी देती है, तो अतिरिक्त राशि पर कर्मचारी को टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना पड़ता है।

Q5. यदि किसी कर्मचारी की सेवा के वर्ष दशमलव में हों (जैसे 7 साल 8 महीने), तो ग्रेच्युटी की गणना कैसे होगी?

Ans: ग्रेच्युटी एक्ट के तहत यदि आखिरी साल में सेवा की अवधि 6 महीने से अधिक (जैसे 7 साल 8 महीने) है, तो इसे राउंड ऑफ करके अगला पूरा साल यानी 8 साल मान लिया जाता है। इसके विपरीत यदि सेवा 7 साल 5 महीने है, तो इसे केवल 7 साल ही माना जाएगा।

Q6. क्या कोई कंपनी अपने कर्मचारियों का पीएफ या ग्रेच्युटी देने से मना कर सकती है?

Ans: यदि किसी संस्थान में 10 से अधिक (ग्रेच्युटी के लिए) या 20 से अधिक (ईपीएफ के लिए) कर्मचारी काम करते हैं, तो उस कंपनी के लिए यह सरकारी नियम मानना अनिवार्य है। कोई भी नियोक्ता कानूनी रूप से आपका वैध पीएफ या ग्रेच्युटी का पैसा नहीं रोक सकता। ऐसा करने पर कर्मचारी श्रम आयुक्त (Labor Commissioner) या EPFO पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकता है।

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