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Mission Vatsalya Yojana Scholarship 4000 Rupees: दिव्यांग बच्चों को हर महीने ₹4000, पात्रता व आवेदन प्रक्रिया

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भारत में जरूरतमंद और दिव्यांग बच्चों के लिए सरकार लगातार ऐसी योजनाएँ चला रही है, जो उनकी पढ़ाई और जीवनयापन को सहारा दें। इन्हीं में से एक बेहद महत्वपूर्ण योजना है Mission Vatsalya Yojana Scholarship, जिसके तहत पात्र दिव्यांग बच्चों को हर महीने ₹4000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह लेख एक पूर्ण मार्गदर्शिका है—जिसमें योजना का उद्देश्य, पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर, बेसहारा और दिव्यांग बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना को और अधिक प्रभावी बना दिया है। केंद्र सरकार के मिशन वात्सल्य (Mission Vatsalya) के तहत संचालित UP Government Sponsorship Scheme के माध्यम से अब पात्र बच्चों को हर महीने ₹4,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जा रही है।

ताजा अपडेट के अनुसार, पीलीभीत और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को इस योजना से जोड़ने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कौन ले सकता है और इसके लिए आवेदन की क्या प्रक्रिया है।

Mission Vatsalya Yojana Scholarship 4000 Rupees: दिव्यांग बच्चों को हर महीने ₹4000, पात्रता व आवेदन प्रक्रिया

मिशन वात्सल्य: यूपी गवर्नमेंट स्पॉन्सरशिप योजना क्या है?

Mission Vatsalya एक केंद्र प्रायोजित बाल-कल्याण कार्यक्रम है, जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा लागू किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सहायता देना है जो बेसहारा हों, कठिन परिस्थितियों में हों या दिव्यांगता से प्रभावित हों। उत्तर प्रदेश की स्पॉन्सरशिप योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण का खर्च उठाना है, जिनके माता-पिता आर्थिक रूप से अक्षम हैं या जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

इस योजना में 60% बजट केंद्र सरकार द्वारा और 40% बजट उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाता है। वर्ष 2024-25 में अब तक हजारों बच्चों को करोड़ों रुपये की सहायता दी जा चुकी है, और 2026 के नए सत्र के लिए सरकार ने लक्ष्य को और बढ़ा दिया है।

दिव्यांग बच्चों को ₹4000 कैसे मिलते हैं?

Mission Vatsalya के Sponsorship Programme के अंतर्गत पात्र बच्चों को प्रतिमाह ₹4000 की राशि दी जाती है। यह रकम बच्चे की पढ़ाई, देखभाल, पोषण और दैनिक जरूरतों में मदद करती है। कई राज्यों में यह योजना राज्य सरकार के सहयोग से लागू होती है—जैसे उत्तर प्रदेश सरकार में।

दिव्यांग बच्चों की योजनाएँ व स्कॉलरशिप

किसे मिलेगा ₹4,000 प्रति माह का लाभ? (Eligibility)

सरकार ने इस योजना के लिए कुछ विशेष श्रेणियां और पात्रता मानदंड तय किए हैं। यदि आपका बच्चा निम्नलिखित श्रेणियों में आता है, तो आप आवेदन कर सकते हैं:

  1. दिव्यांग बच्चे: ऐसे बच्चे जिनकी दिव्यांगता 40% से अधिक है और वे सरकारी स्कूलों में नामांकित हैं।
  2. अनाथ बच्चे: जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है।
  3. एकल अभिभावक: जिनके पिता की मृत्यु हो चुकी है या जिनकी माँ तलाकशुदा होकर अकेले रह रही हैं।
  4. गंभीर बीमारी: जिनके माता-पिता किसी गंभीर या जानलेवा बीमारी से ग्रसित हैं और बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ हैं।
  5. बेसहारा और शोषित बच्चे: फुटपाथ पर रहने वाले, बाल श्रम या बाल भिक्षावृत्ति से बचाए गए बच्चे।
  6. प्राकृतिक आपदा के शिकार: ऐसे परिवार जो किसी बड़ी आपदा या महामारी से प्रभावित हुए हैं।

वार्षिक आय की सीमा (Income Limit)

  • ग्रामीण क्षेत्र (Rural): परिवार की कुल वार्षिक आय ₹72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • शहरी क्षेत्र (Urban): परिवार की वार्षिक आय ₹96,000 तक मान्य है।
  • नोट: जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई है, उनके लिए आय की कोई सीमा लागू नहीं होती है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Important Documents)

आवेदन प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने अनिवार्य हैं:

  • बच्चे का आधार कार्ड।
  • आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का सर्टिफिकेट)।
  • आय प्रमाण पत्र (तहसीलदार द्वारा जारी)।
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो, 40% से अधिक)।
  • माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र (अनाथ बच्चों के मामले में)।
  • बच्चे का पासपोर्ट साइज फोटो।
  • शिक्षण संस्थान/स्कूल में पंजीकरण का प्रमाण पत्र।

Scholarship Amount Details

  • राशि: ₹4000 प्रति माह
  • भुगतान: सीधे बैंक खाते में (DBT)
  • अवधि: पात्रता बने रहने तक, प्रशासनिक समीक्षा के अधीन

आवश्यक दस्तावेज

  • बच्चे का आधार कार्ड
  • दिव्यांगता प्रमाण-पत्र (40%+)
  • आय प्रमाण-पत्र
    आयु प्रमाण (जन्म प्रमाण-पत्र/स्कूल रिकॉर्ड)
  • स्कूल में नामांकन प्रमाण
  • अभिभावक का बैंक खाता विवरण
  • परिस्थितिजन्य दस्तावेज (यदि लागू हों)

🔗 आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़ और प्रमाण पत्र

आवेदन प्रक्रिया: UP Sponsorship Scheme Apply Offline

यह योजना पूरी तरह से ऑफलाइन माध्यम से संचालित होती है। आवेदन के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:

  1. कार्यालय जाएं: अपने जिले के जिला महिला एवं बाल विकास विभाग या जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) के कार्यालय में जाएं।
  2. फॉर्म प्राप्त करें: वहां से "स्पॉन्सरशिप योजना" का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
  3. जानकारी भरें: फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी (नाम, पता, आय, स्कूल का विवरण) सही-सही भरें।
  4. दस्तावेज संलग्न करें: ऊपर बताए गए सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी फॉर्म के साथ लगाएं।
  5. जमा करें: भरे हुए फॉर्म को उसी कार्यालय में जमा कर दें। आवेदन जमा होने के बाद विभाग द्वारा इसकी जांच (Verification) की जाएगी और पात्रता सही पाए जाने पर सहायता राशि सीधे खाते में भेज दी जाएगी।

महत्वपूर्ण लिंक्स (Important Links)

नीचे दी गई तालिका में आप महत्वपूर्ण लिंक देख सकते हैं, जिन्हें हमने आपकी सुविधा के लिए HTML फॉर्मेट में तैयार किया है:

महत्वपूर्ण कार्य डायरेक्ट लिंक
Official Website (WCD UP) Click Here to Visit
Check News Verification Check Latest Update
Download Scheme Details Read Guidelines - UP Basic Shiksha Vibhag

🔗 बच्चों और परिवार के लिए अन्य सरकारी सहायता योजनाएँ

(FAQs)

प्रश्न 1: यूपी स्पॉन्सरशिप योजना के तहत कितने पैसे मिलते हैं? उत्तर: इस योजना के तहत पात्र बच्चों को हर महीने ₹4,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है।

प्रश्न 2: क्या यह लाभ केवल दिव्यांग बच्चों को ही मिलता है? उत्तर: नहीं, दिव्यांग बच्चों के अलावा यह लाभ अनाथ बच्चों, बेसहारा बच्चों, तलाकशुदा महिलाओं के बच्चों और उन बच्चों को भी मिलता है जिनके माता-पिता किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं या जेल में बंद हैं।

प्रश्न 3: इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें, क्या यह ऑनलाइन है? उत्तर: वर्तमान में इसकी आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन है। आपको अपने जिले के 'जिला प्रोबेशन अधिकारी' (DPO) कार्यालय या 'महिला एवं बाल विकास विभाग' के ऑफिस में जाकर फॉर्म भरना होगा।

प्रश्न 4: योजना का लाभ लेने के लिए उम्र सीमा क्या है? उत्तर: इस योजना का लाभ 1 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को दिया जाता है।

प्रश्न 5: क्या सरकारी स्कूल में पढ़ना अनिवार्य है? उत्तर: हाँ, ताजा आदेशों के अनुसार, परिषदीय स्कूलों (सरकारी स्कूलों) में पढ़ने वाले पात्र बच्चों को इसमें प्राथमिकता दी जा रही है ताकि उनकी शिक्षा निरंतर चलती रहे।

प्रश्न 6: अगर माता-पिता की आय ₹1 लाख से ज्यादा है, तो क्या लाभ मिलेगा? उत्तर: सामान्य मामलों में शहरी क्षेत्र के लिए आय सीमा ₹96,000 और ग्रामीण के लिए ₹72,000 है। लेकिन अगर बच्चा पूर्णतः अनाथ है, तो आय सीमा का यह नियम लागू नहीं होता।

Q1. Mission Vatsalya Yojana Scholarship किसके लिए है?
यह योजना दिव्यांग, बेसहारा और विशेष संरक्षण की जरूरत वाले 1–18 वर्ष के बच्चों के लिए है।

Q2. हर महीने कितनी राशि मिलती है?
पात्र बच्चों को ₹4000 प्रति माह मिलते हैं।

Q3. आवेदन ऑनलाइन है या ऑफलाइन?
अधिकांश जिलों में आवेदन ऑफलाइन—जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय से।

Q4. क्या सरकारी स्कूल जरूरी है?
आम तौर पर सरकारी/मान्यता-प्राप्त स्कूल में नामांकन आवश्यक होता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

उत्तर प्रदेश सरकार की Sponsorship Scheme उन बच्चों के लिए एक वरदान है जो आर्थिक अभाव के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। ₹4,000 की मासिक सहायता से न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि वे समाज की मुख्यधारा से भी जुड़ सकेंगे। यदि आपके आस-पास कोई ऐसा बच्चा है जो इस योजना का पात्र है, तो उसकी मदद जरूर करें और उसे नजदीकी प्रोबेशन कार्यालय भेजें।


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