मछली पालन भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वह जीवन रेखा है, जहाँ एक मछुआरे का दिन उम्मीद के साथ शुरू होता है, लेकिन शाम अक्सर अनिश्चितता के साये में बीतती है। कभी जाल खाली रह जाता है, तो कभी अचानक फैली किसी बीमारी से पूरे तालाब की मछलियाँ दम तोड़ देती हैं। इस अनिश्चितता को एक संगठित अवसर में बदलने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) का आगाज़ किया है।
भारत सरकार ने मछुआरों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के लिए एक और महत्वपूर्ण योजना शुरू की है, जिसका नाम है प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY). यह योजना मत्स्य क्षेत्र को मजबूत बनाने, उसे डिजिटल बनाने और छोटे मछुआरों को वित्तीय सहायता देने पर केंद्रित है। अगर आप मछली पालन, मछली पकड़ने या मछली बेचने के काम से जुड़े हैं, तो यह योजना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। इस पोस्ट में हम PM-MKSSY Yojana की पूरी जानकारी लाभ, पात्रता और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे।
प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM MKSSY) 2026 अपडेट: क्या आप मछली पालन करते हैं या मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हैं? तो अब 6000 करोड़ की इस सरकारी योजना से आपको डिजिटल पहचान, बीमा पर 1 लाख तक की सहायता, प्रदर्शन अनुदान और बैंक लोन की आसान सुविधा मिल सकती है।
PM MKSSY registration अभी शुरू हो चुका है – NFDP पोर्टल पर 2 मिनट में रजिस्टर करें और लाभ उठाएं। इस लेख में पूरी प्रक्रिया, पात्रता, status check और महत्वपूर्ण लिंक्स स्टेप-बाय-स्टेप दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM MKSSY) क्या है?
भारत सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई पहल की हैं, और उनमें से एक प्रमुख योजना है प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM MKSSY)। यह योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत एक केंद्रीय क्षेत्र की उप-योजना के रूप में चलाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य मछुआरों, मत्स्य पालकों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के माध्यम से क्षेत्र के असंगठित हिस्से को डिजिटल और औपचारिक रूप दिया जा रहा है, ताकि वे बैंकिंग, बीमा और अन्य सेवाओं का आसानी से लाभ उठा सकें।
PM MKSSY full form: Pradhan Mantri Matsya Kisan Samridhi Sah-Yojana। यह योजना विशेष रूप से मत्स्य क्षेत्र के विकास पर फोकस करती है, जहां देशभर में करोड़ों लोग जुड़े हुए हैं।
PM-MKSSY UPSC के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Important for Exams)
अगर आप UPSC या किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो ये तथ्य याद रखें:
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महत्वपूर्ण बिंदु |
विवरण |
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योजना का नाम |
प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) |
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संबंधित योजना |
PM मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) की उप-योजना |
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मंत्रालय |
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय |
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मंजूरी तिथि |
8 फरवरी 2024 |
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कार्यान्वयन अवधि |
2023-24 से 2026-27 (4 वर्ष) |
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कुल बजट |
₹6,000 करोड़ |
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मुख्य उद्देश्य |
मत्स्य क्षेत्र का औपचारिकीकरण, बीमा, वित्त, गुणवत्ता |
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डिजिटल प्लेटफॉर्म |
राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) |
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बाह्य सहायता |
विश्व बैंक और फ्रेंच डेवलपमेंट एजेंसी (AFD) |
PM MKSSY launch date और अवधि
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM MKSSY launch date 8 फरवरी 2024 को योजना को मंजूरी दी। यह योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 से शुरू होकर 2026-27 तक चलेगी, यानी कुल 4 वर्ष। योजना के लिए कुल बजट 6000 करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें आधा हिस्सा सरकारी वित्त से और आधा निजी क्षेत्र से आएगा। अब तक 11.84 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हो चुकी है, और यह सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
- मत्स्य क्षेत्र को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और असंगठित हिस्से को औपचारिक बनाना।
- मछुआरों को संस्थागत ऋण और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना।
- एक्वाकल्चर बीमा को बढ़ावा देना और फसल जोखिम से सुरक्षा प्रदान करना।
- मछली उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- रोजगार सृजन और आय में वृद्धि।
PM MKSSY के लाभ और घटक
यह योजना मछुआरों और मत्स्य उद्यमियों के लिए कई लाभ प्रदान करती है। योजना में 4 प्रमुख घटक हैं, जो क्षेत्र की विभिन्न जरूरतों को पूरा करते हैं।
घटक 1: क्षेत्र का औपचारिकीकरण और डिजिटल पहचान
इस घटक के तहत राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण किया जाता है। लगभग 40 लाख छोटे उद्यमों और 6.4 लाख माइक्रो उद्यमों को डिजिटल आईडी दी जाएगी, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
घटक 1-B: एक्वाकल्चर बीमा प्रोत्साहन
जलीय कृषि में फसल जोखिम से बचाव के लिए बीमा पर एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जाता है।
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विवरण |
प्रोत्साहन राशि |
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प्रति हेक्टेयर |
बीमा प्रीमियम का 40% या ₹25,000 (जो कम हो) |
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अधिकतम सीमा |
₹1,00,000 (4 हेक्टेयर तक) |
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SC/ST/महिला के लिए |
अतिरिक्त 10% प्रोत्साहन |
घटक 2 और 3: प्रदर्शन अनुदान
मूल्य श्रृंखला दक्षता और उत्पाद गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रदर्शन आधारित अनुदान दिया जाता है।
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श्रेणी |
प्रतिशत |
अधिकतम राशि |
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सूक्ष्म उद्यम (सामान्य) |
25% |
₹35 लाख |
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सूक्ष्म उद्यम (SC/ST/महिला) |
35% |
₹45 लाख |
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लघु उद्यम (सामान्य) |
25% |
₹75 लाख |
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SHG/FFPO/सहकारी |
35% |
₹2 करोड़ |
अनुदान रोजगार सृजन (महिलाओं के लिए ₹15,000 प्रति वर्ष, पुरुषों के लिए ₹10,000 प्रति वर्ष) पर भी आधारित है।
किसानों के लिए खास योजनाएं
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PM-MKSSY पात्रता (Eligibility - कौन कर सकता है आवेदन?)
✅ व्यक्तिगत लाभार्थी (Individual Beneficiaries)
- मछुआरे (Fishermen)
- मत्स्य पालक किसान (Fish Farmers)
- मछली विक्रेता (Fish Vendors)
- मत्स्य श्रमिक (Fish Workers)
- मत्स्य प्रसंस्करण से जुड़े लोग (Processors)
✅ संस्थागत लाभार्थी (Institutional Beneficiaries)
- एकल स्वामित्व वाली फर्म (Sole Proprietorship)
- साझेदारी फर्म (Partnership Firms)
- प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां
- सहकारी समितियां (Cooperative Societies)
- स्वयं सहायता समूह (SHGs)
- मछली किसान उत्पादक संगठन (FFPOs/FPOs)
- मत्स्य क्षेत्र के स्टार्टअप्स
✅ अन्य शर्तें
- आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य
- NFDP पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी
- आधार से लिंक्ड बैंक खाता होना चाहिए
स्वरोजगार और बिजनेस लोन की योजनाएं
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PM-MKSSY के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
- ✅ आधार कार्ड
- ✅ बैंक पासबुक (खाता विवरण सहित)
- ✅ पासपोर्ट साइज फोटो
- ✅ मोबाइल नंबर (आधार से लिंक्ड)
- ✅ जाति प्रमाण पत्र (यदि SC/ST/OBC श्रेणी में आवेदन कर रहे हों)
- ✅ मत्स्य पालन/मछुआरा पहचान पत्र (यदि उपलब्ध हो)
- ✅ व्यवसाय प्रमाण (जैसे लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाणपत्र)
PM-MKSSY Online Apply: आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)
PM-MKSSY Yojana online apply करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसके लिए आपको राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर जाना होगा। आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले NFDP की वेबसाइट https://nfdp.dof.gov.in या https://pmmkssy.dof.gov.in पर जाएं।
- रजिस्ट्रेशन करें: वेबसाइट पर "Register" या "साइन अप" विकल्प पर क्लिक करें। अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बुनियादी जानकारी दर्ज करके रजिस्ट्रेशन करें।
- लॉगिन करें: रजिस्ट्रेशन के बाद मिले यूजर आईडी और पासवर्ड से PM-MKSSY Login करें।
- आवेदन फॉर्म भरें: डैशबोर्ड में "Apply for Financial Assistance" या "New Application" विकल्प पर क्लिक करें। आप जिस घटक (Component) के लिए आवेदन करना चाहते हैं (जैसे बीमा या प्रदर्शन अनुदान) उसका चयन करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: मांगे गए दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मत्स्य पालन से जुड़ा प्रमाण पत्र, फोटो आदि स्कैन करके अपलोड करें।
- सबमिट करें: फॉर्म भरने के बाद "Submit" बटन पर क्लिक करें। आपको एक आवेदन संख्या (Application Number) मिलेगी, जिससे आप PM-MKSSY Status Check कर सकते हैं।
नोट: यदि आप ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं, तो आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद भी ले सकते हैं।
PM-MKSSY Status Check: आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
अगर आपने आवेदन कर दिया है और अब Pradhan Mantri Matsya Kisan Samridhi Sah Yojana status check करना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया भी बहुत आसान है:
- लॉगिन करें: सबसे पहले NFDP पोर्टल पर अपनी रजिस्टर्ड आईडी और पासवर्ड से PM-MKSSY Login करें।
- डैशबोर्ड देखें: लॉगिन करने के बाद आपके डैशबोर्ड पर "My Application" या "Application Status" का विकल्प होगा।
- स्थिति जांचें: उस पर क्लिक करते ही आपको आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति (जैसे - प्रोसेसिंग, स्वीकृत, अस्वीकृत) दिख जाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक्स (Important Links)
योजना से जुड़े सभी आधिकारिक और जरूरी लिंक्स नीचे टेबल में दिए गए हैं। सभी लिंक नए टैब में खुलेंगे।
PM MKSSY Podcast NFDP Digital ID
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विवरण |
लिंक |
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PM-MKSSY Registration करें |
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राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) |
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PM MKSSY Education Video |
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NFDP Certificate Download |
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Application Status Check |
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CSC के माध्यम से पंजीकरण |
डिजिटल व बैंकिंग सेवाएं (जरूर पढ़ें)
डिजिटल पहचान - अब हर मछुआरे की होगी अपनी 'वर्क-बेस्ड आईडी'
मत्स्य पालन क्षेत्र का सबसे बड़ा संकट इसका 'असंगठित' होना रहा है। PM-MKSSY के तहत 'नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म' (NFDP) के माध्यम से लगभग 40 लाख मछुआरों, श्रमिकों और सूक्ष्म उद्यमियों को एक औपचारिक पहचान दी जा रही है। यह केवल एक नंबर नहीं, बल्कि बैंकों से 'संस्थागत ऋण' (Institutional Credit) और सरकारी सेवाओं का 'डिजिटल गेटवे' है।
"मत्स्य क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा असंगठित होने के कारण मछुआरों को बैंकों से सीधा ऋण नहीं मिल पाता था। बिना किसी ठोस पहचान के वे अपनी साख साबित नहीं कर पाते थे, जिससे उन्हें साहूकारों पर निर्भर रहना पड़ता था। NFDP इसी वित्तीय छुआछूत को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
प्रदर्शन अनुदान (Performance Grant) - सब्सिडी का नया और स्मार्ट चेहरा
एक अनुभवी नीति विश्लेषक के रूप में, मैं इस योजना के सबसे बड़े बदलाव को इसकी 'अनुदान प्रणाली' में देखता हूँ। अब तक हम 'अपफ्रंट सब्सिडी' पर निर्भर थे, लेकिन PM-MKSSY 'प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन' (Performance-based Incentive) लेकर आई है। यह 'बैक-एंडेड सब्सिडी' मॉडल है, जो यह सुनिश्चित करता है कि पैसा केवल उन्हीं को मिले जो वास्तव में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को धरातल पर उतार रहे हैं।
इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए सरकार ने V&MC (सत्यापन और निगरानी सलाहकार) नियुक्त किए हैं, जो सीधे कार्यस्थल पर जाकर प्रगति की जांच करते हैं। इससे न केवल 'सब्सिडी लीकेज' कम होती है, बल्कि उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलता है।
लाभार्थियों के लिए प्रदर्शन अनुदान की सीमा:
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श्रेणी |
सूक्ष्म उद्यम (Micro) अनुदान सीमा |
लघु उद्यम (Small) अनुदान सीमा |
SHG / FFPO / सहकारी समितियाँ |
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सामान्य वर्ग |
निवेश का 25% (अधिकतम ₹35 लाख) |
निवेश का 25% (अधिकतम ₹75 लाख) |
निवेश का 35% |
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SC / ST / महिला |
निवेश का 35% (अधिकतम ₹45 लाख) |
निवेश का 35% (अधिकतम ₹1 करोड़) |
अधिकतम ₹2 करोड़ तक |
जोखिम से सुरक्षा - एक्वाकल्चर बीमा का अभेद्य कवच
90 के दशक में 'वाइट स्पॉट सिंड्रोम वायरस' (WSSB) ने झींगा पालन को पूरी तरह तबाह कर दिया था। उस कड़वे अनुभव से सीखते हुए, PM-MKSSY ने एक्वाकल्चर बीमा को प्राथमिकता दी है। यह कवच केवल पारंपरिक तालाबों के लिए नहीं, बल्कि RAS (री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम), बायोफ्लॉक (Bio-floc) और सीड कल्चर जैसी आधुनिक प्रविधियों के लिए भी उपलब्ध है।
योजना के तहत 4 हेक्टेयर तक के क्षेत्र के लिए बीमा प्रीमियम पर 40% या ₹25,000 प्रति हेक्टेयर (जो भी कम हो) का प्रोत्साहन दिया जाता है। यहाँ SC/ST और महिला लाभार्थियों को 10% का अतिरिक्त लाभ मिलता है, जिससे उनके लिए यह प्रोत्साहन राशि ₹1,10,000 तक पहुँच सकती है।
समावेशी विकास - महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए 'एक्स्ट्रा' प्रोत्साहन
नीतिगत स्तर पर यह योजना केवल उत्पादन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण के लिए बनाई गई है। इसमें महिलाओं और SC/ST वर्गों के लिए विशेष 'एक्स्ट्रा' प्रावधान हैं:
- अतिरिक्त अनुदान: इन वर्गों के लिए प्रदर्शन अनुदान की दर सामान्य से 10% अधिक (कुल 35%) रखी गई है।
- रोजगार सृजन एवं रखरखाव: योजना नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करती है कि वे महिला कार्यबल को बनाए रखें। महिलाओं के लिए रोजगार सृजित करने या पुराने रोजगार को बरकरार रखने पर ₹15,000 प्रति महिला प्रति वर्ष का वार्षिक प्रोत्साहन दिया जाता है (पुरुषों के लिए यह ₹10,000 है)।
साइकिल विक्रेता' से 'निर्यात' तक - सूक्ष्म उद्यमों का वैश्विक सपना
अक्सर यह धारणा रहती है कि सरकारी लाभ केवल बड़े फार्म मालिकों को मिलते हैं। लेकिन PM-MKSSY की पहुँच साइकिल पर मछली बेचने वाले छोटे विक्रेता तक भी है। NFDP आईडी के माध्यम से एक छोटा विक्रेता भी अपनी व्यावसायिक साख साबित कर 'सूक्ष्म ऋण' (Sukshma Rin) प्राप्त कर सकता है।
योजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू है 'ट्रेसेबिलिटी' (Traceability)। इसका मतलब है कि उपभोक्ता को पता होगा कि उसकी मछली कहाँ से आई है और वह किन गुणवत्ता मानकों से गुजरी है। जब हमारे उत्पाद 'ग्लोबल स्टैंडर्ड्स' को पूरा करेंगे, तभी भारतीय मछली अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात के लिए अपनी धाक जमा पाएगी।
महत्वपूर्ण संसाधन और आवेदन मार्गदर्शिका
यदि आप इस ऐतिहासिक योजना का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो निम्नलिखित माध्यमों से जुड़ सकते हैं:
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संसाधन का नाम |
विवरण / आधिकारिक लिंक |
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आधिकारिक विभाग वेबसाइट |
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डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) |
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योजना पोर्टल (PM-MKSSY) |
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Registration |
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टोल-फ्री हेल्पलाइन |
1800-425-1660 (9:30 AM - 8:00 PM) |
(FAQs)
प्रश्न 1: PM-MKSSY के तहत कितने रुपये मिलते हैं?
उत्तर: यह योजना के घटक पर निर्भर करता है। बीमा प्रोत्साहन के तहत अधिकतम ₹1 लाख, प्रदर्शन अनुदान के तहत सूक्ष्म उद्यमों को ₹35 लाख से ₹45 लाख और लघु उद्यमों को ₹75 लाख से ₹1 करोड़ तक का अनुदान मिल सकता है।
प्रश्न 2: क्या मैं सीएससी के माध्यम से आवेदन कर सकता हूं?
उत्तर: हां, यदि आप ऑनलाइन प्रक्रिया में असमर्थ हैं तो अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से संपर्क कर सकते हैं। CSC केंद्र ₹75 के शुल्क पर असिस्टेड रजिस्ट्रेशन की सुविधा देते हैं।
प्रश्न 3: PM-MKSSY और PMMSY में क्या अंतर है?
उत्तर: PMMSY एक व्यापक योजना है जो 2020 में शुरू हुई थी, जबकि PM-MKSSY इसकी एक उप-योजना है जो विशेष रूप से मत्स्य क्षेत्र के औपचारिकीकरण, बीमा और सूक्ष्म उद्यमों पर केंद्रित है।
प्रश्न 4: क्या आवेदन के लिए कोई शुल्क है?
उत्तर: NFDP पोर्टल पर सेल्फ रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है। सीएससी के माध्यम से असिस्टेड रजिस्ट्रेशन पर नाममात्र शुल्क लगता है।
प्रश्न 5: आवेदन की स्थिति कहां देख सकते हैं?
उत्तर: आप NFDP पोर्टल पर लॉगिन करके "Application Status" सेक्शन में अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
- Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana
- Mukhyamantri Matsya Sampada Yojana
- PM MKSSY Podcast NFDP Digital ID
निष्कर्ष (Conclusion)
प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) भारत के मत्स्य क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाली साबित हो सकती है। यह न केवल मछुआरों को आर्थिक सुरक्षा देती है, बल्कि उन्हें डिजिटल तकनीक से जोड़कर पारदर्शिता भी लाती है। अगर आप इस क्षेत्र से जुड़े हैं, तो देरी न करें, आज ही NFDP पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करें और सरकार की इस योजना का लाभ उठाएं। उम्मीद है कि PM-MKSSY Yojana की यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।
प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM MKSSY) मछुआरों के लिए एक वरदान है। इससे न केवल आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र को आधुनिक बनाया जाएगा। यदि आप योग्य हैं, तो जल्दी से pm mkssy registration करें और लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए ऊपर दिए लिंक्स का उपयोग करें।
क्या आपने योजना का लाभ उठाया है? कमेंट में बताएं!
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