भारत में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं, जिनमें कई जानें चली जाती हैं। लेकिन अब सरकार ने एक नई पहल की है जो इन हादसों में घायलों की जान बचाने में मदद करेगी। PM Rahat Yojana 2026 में लॉन्च हुई है, जो सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत मेडिकल मदद उपलब्ध कराती है। अगर घायल को समय पर इलाज मिल जाए तो लगभग 50% मौतों को रोका जा सकता है पीएम राहत योजना (PM RAHAT Scheme) का मकसद है कि कोई भी सड़क हादसे का शिकार व्यक्ति, आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे और उसकी जान बचाई जा सके इस योजना के तहत घायलों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है, बिना पैसे की चिंता किए।
अक्सर लोग 'pm rahat yojana apply online' या 'प्रधानमंत्री राहत कोष फॉर्म' सर्च करते हैं, लेकिन यह एक इमरजेंसी सेवा है, जिसमें पहले से फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती. आइए, इस लेख में हम आपको इस योजना से जुड़ी हर अहम बात विस्तार से बताते हैं, जैसे कि यह क्या है, इसका फुल फॉर्म, लाभ, पात्रता और क्लेम का तरीका.आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से।
क्या है पीएम राहत योजना? (What is PM RAHAT Scheme?)
PM Rahat Yojana एक राष्ट्रीय स्तर की योजना है, जो सड़क हादसों में घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने और इलाज सुनिश्चित करने पर फोकस करती है। यह योजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा चलाई जाती है और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) इसके क्रियान्वयन में मदद करती है। योजना का मुख्य लक्ष्य है कि हादसे के बाद पहले घंटे (गोल्डन आवर) में इलाज शुरू हो, यह योजना सभी तरह की सड़कों पर लागू होती है - चाहे हाईवे हो, शहर की सड़कें या गांव के रास्ते। हादसे के बाद कोई भी व्यक्ति (पीड़ित, राहगीर या कोई अन्य) मदद मांग सकता है।
योजना में डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) और TMS 2.0 (ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम), जो प्रक्रिया को तेज बनाते हैं। खास बात यह है कि यह योजना पूरी तरह से टेक्नोलॉजी-ड्रिवन है, जिसमें ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (eDAR) और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS 2.0) को आपस में जोड़ा गया है!
पीएम राहत योजना के लाभ और मुख्य बातें (Benefits & Key Features)
इस योजना के तहत सड़क हादसे में घायल हुए व्यक्ति को कई अहम लाभ दिए जाते हैं, जो इस प्रकार हैं:
- वित्तीय सहायता (Financial Cover): दुर्घटना की तारीख से अगले 7 दिनों तक के इलाज पर ₹1.5 लाख तक का खर्च सरकार वहन करेगी . यह राशि प्रति पीड़ित के हिसाब से है.
- गोल्डन आवर पर फोकस (Golden Hour Focus): योजना का जोर 'गोल्डन आवर' यानी दुर्घटना के बाद के पहले एक घंटे में इलाज शुरू करने पर है, ताकि जान बचाने की संभावना बढ़ जाए .
- कैशलेस उपचार: प्रत्येक पीड़ित को ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
- 7 दिनों तक कवरेज: दुर्घटना की तारीख से लेकर 7 दिनों तक अस्पताल का खर्च सरकार वहन करेगी।
- गोल्डन आवर पर फोकस: पहले एक घंटे में तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाता है ताकि मृत्यु दर को 50% तक कम किया जा सके।
- बिना अग्रिम भुगतान: अस्पताल में भर्ती होते समय मरीज के परिजनों को कोई एडवांस पैसा जमा करने की आवश्यकता नहीं होती।
- सभी सड़कों पर लागू: यह योजना नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और शहरी सड़कों पर हुए सभी हादसों को कवर करती है।
- स्टेबलाइजेशन ट्रीटमेंट (Stabilization Treatment):
- गैर-गंभीर स्थिति में: 24 घंटे तक का इलाज .
- गंभीर (Life-threatening) स्थिति में: 48 घंटे तक का इलाज
पीएम राहत योजना के तहत कौन पात्र है? (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ लेने के लिए बहुत सरल पात्रता मानदंड हैं : PM Rahat Scheme Apply के लिए कौन योग्य है? योजना हर किसी के लिए खुली है:
- यह योजना भारत की किसी भी सड़क (नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, शहर या गांव की सड़क) पर हुए सड़क हादसे के शिकार हर व्यक्ति पर लागू होगी .
- इलाज केवल सरकार द्वारा सूचीबद्ध (Empanelled) निजी या सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध होगा।
- पीड़ित भारतीय नागरिक हो या विदेशी, दोनों इस योजना का लाभ ले सकते हैं .
- हादसे की गंभीरता के आधार पर इलाज की सुविधा दी जाती है.
- टारगेट ग्रुप: कोई भी भारतीय नागरिक या विदेशी, जो भारत की सड़कों पर हादसे का शिकार हो।
- इंजरी का प्रकार: केवल सड़क ट्रैफिक एक्सीडेंट से जुड़ी चोटें।
- अस्पताल: सरकारी या योजना से जुड़े प्राइवेट अस्पताल (AB PMJAY एम्पैनल्ड)।
- कोई आय सीमा नहीं: आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी योग्य।
- विदेशी भी शामिल: भारत में हादसे होने पर।
ध्यान दें: योजना 'ऑटो-एक्टिवेटेड' है, मतलब हादसे के समय खुद-ब-खुद शुरू हो जाती है।
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PM Rahat Yojana Apply Online कैसे करें?
PM Rahat Scheme Apply की प्रक्रिया सरल है, क्योंकि यह इमरजेंसी पर आधारित है: यह सबसे अहम सवाल है. चूंकि यह एक इमरजेंसी योजना है, इसलिए इसमें पहले से आवेदन करने की जरूरत नहीं है. अगर आप किसी सड़क हादसे के गवाह बनते हैं या खुद घायल हैं, तो यह प्रक्रिया अपनाएं:
- तुरंत 112 डायल करें: हादसे के तुरंत बाद, घायल व्यक्ति या मौके पर मौजूद कोई भी राहगीर (जिसे सरकार ने 'राह-वीर' का नाम दिया है) नेशनल इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल कर सकता है
- इमरजेंसी रिपोर्टिंग: हादसे के बाद 112 हेल्पलाइन पर कॉल करें। 112 पर सूचना देते ही सिस्टम नजदीकी अस्पताल और एम्बुलेंस को अलर्ट कर देता है।
- अस्पताल एडमिशन: निकटतम एम्पैनल्ड अस्पताल में ले जाएं। सिस्टम घायल को सबसे पास के अधिकृत अस्पताल में पहुँचाने में मदद करता है।
- वेरिफिकेशन: अस्पताल पोर्टल पर रजिस्टर करेगा (आधार जैसा ID वैकल्पिक, लेकिन इलाज नहीं रुकेगा)।
- कैशलेस प्रोसेसिंग: इलाज शुरू, खर्च सरकार/इंश्योरेंस से रीइंबर्स। अस्पताल का बिल सीधे मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) के माध्यम से भरा जाता है।
ऑनलाइन अप्लाई की जरूरत नहीं, लेकिन स्टेटस चेक के लिए MoRTH या NHA पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं। UP में "Rahat UP in Login" जैसे पोर्टल राज्य स्तर पर मदद करते हैं।
क्लेम और भुगतान प्रक्रिया (Claim & Payment Process)
सरकार ने अस्पतालों को भुगतान की भी पुख्ता व्यवस्था की है, ताकि इलाज में किसी तरह की बाधा न आए .
- भुगतान का स्रोत: अस्पतालों को पैसा मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) से दिया जाता है
- पुलिस 24-48 घंटे में eDAR पर वेरिफाई करती है।
- अस्पताल MVAF (मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड) से रीइंबर्समेंट पाता है।
- बीमित वाहन: अगर दुर्घटना करने वाला वाहन बीमित है, तो पैसा जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के योगदान से दिया जाता है .
- हिट एंड रन के मामले: अगर वाहन का पता न चले या वाहन बीमित न हो, तो पूरा खर्च भारत सरकार वहन करती है .
- समय सीमा: राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (State Health Agency) द्वारा क्लेम पास होने के बाद, 10 दिनों के अंदर अस्पताल को भुगतान कर दिया जाता है . स्टेट हेल्थ एजेंसी 10 दिनों में पेमेंट करती है।
शिकायत निवारण (Grievance Redressal)
अगर किसी को योजना के तहत परेशानी होती है या कोई शिकायत है, तो जिला स्तर पर एक व्यवस्था की गई है. जिला कलेक्टर/डीएम की अध्यक्षता वाली जिला सड़क सुरक्षा समिति एक शिकायत निवारण अधिकारी (Grievance Redressal Officer) नियुक्त करेगी, जो पीड़ितों की समस्याओं का समाधान करेगा .
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महत्वपूर्ण लिंक और हेल्पलाइन
नीचे HTML टेबल में महत्वपूर्ण लिंक दिए हैं (नई टैब में ओपन):
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विवरण |
लिंक |
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PM Rahat Yojana आधिकारिक जानकारी |
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112 इमरजेंसी हेल्पलाइन |
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PMNRF (संबंधित राहत कोष) फॉर्म |
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क्लेम स्टेटस चेक |
निष्कर्ष
पीएम राहत योजना (PM Rahat Yojana) सरकार की 'सेवा' भावना का एक अनूठा उदाहरण है. यह योजना न सिर्फ सड़क हादसों में घायल लोगों को तत्काल राहत पहुंचाती है, बल्कि 'गुड सेमेरिटन' (राह-वीर) को भी प्रोत्साहित करती है कि वे बिना किसी कानूनी झंझट के घायलों की मदद करें . यह एक बड़ा बदलाव है जो देश में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवा को मजबूती प्रदान करेगा.
याद रखें, अगर आप किसी सड़क दुर्घटना को देखें, तो घबराएं नहीं, बल्कि फौरन 112 डायल करें. आपकी एक कॉल किसी की जान बचा सकती है.
याद रखें, अगर आप किसी सड़क दुर्घटना को देखें, तो घबराएं नहीं, बल्कि फौरन 112 डायल करें. आपकी एक कॉल किसी की जान बचा सकती है.
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PM RAHAT Yojana: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. PM RAHAT का फुल फॉर्म क्या है?
PM RAHAT का फुल फॉर्म "Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment" है। इसे हिंदी में "सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित उपचार" कहा जाता है। यह योजना प्रधानमंत्री द्वारा विशेष रूप से सड़क हादसों के पीड़ितों की जान बचाने के लिए शुरू की गई है।
2. क्या पीएम राहत योजना के लिए पहले से आवेदन करना पड़ता है?
नहीं, इसके लिए किसी पूर्व-पंजीकरण (Pre-registration) की आवश्यकता नहीं है। यह योजना "Auto-Activated" मोड पर काम करती है। जैसे ही किसी दुर्घटना की सूचना 112 हेल्पलाइन पर दी जाती है और पीड़ित को अस्पताल ले जाया जाता है, यह योजना सक्रिय हो जाती है।
3. इस योजना के तहत कितने रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलता है?
PM RAHAT योजना के तहत सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को अधिकतम ₹1.5 लाख तक का कैशलेस (मुफ्त) उपचार प्रदान किया जाता है।
4. क्या यह योजना केवल नेशनल हाईवे पर हुए हादसों के लिए है?
नहीं, यह योजना भारत की सभी श्रेणियों की सड़कों पर लागू है। चाहे दुर्घटना नेशनल हाईवे पर हुई हो, स्टेट हाईवे पर, या किसी शहर/गांव की स्थानीय सड़क पर, पीड़ित को इस योजना का लाभ मिलेगा।
5. 'गोल्डन आवर' (Golden Hour) क्या है और इसमें योजना कैसे मदद करती है?
हादसे के तुरंत बाद का पहला एक घंटा 'गोल्डन आवर' कहलाता है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, इस दौरान सही इलाज मिलने से जान बचने की संभावना 50% से ज्यादा बढ़ जाती है। पीएम राहत योजना इसी दौरान बिना कागजी कार्रवाई और बिना पैसों की चिंता के इलाज सुनिश्चित करती है।
6. अगर घायल व्यक्ति का इंश्योरेंस नहीं है, तो क्या उसे लाभ मिलेगा?
हाँ, बिल्कुल। यदि दुर्घटना करने वाला वाहन बीमित (Insured) नहीं है या यह 'हिट एंड रन' का मामला है, तो इलाज का खर्च भारत सरकार अपने बजट (Motor Vehicle Accident Fund) से वहन करेगी। पीड़ित को अपनी जेब से पैसे नहीं देने होंगे।
7. अस्पताल में कितने दिनों तक का इलाज कवर होता है?
यह योजना दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक के अस्पताल के खर्च और उपचार को कवर करती है। इसमें मरीज की स्थिति को स्थिर (Stabilize) करने पर विशेष जोर दिया जाता है।
8. क्या प्राइवेट अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज मिलेगा?
हाँ, यह सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ उन सभी निजी (Private) अस्पतालों में भी उपलब्ध है जो आयुष्मान भारत (PM-JAY) या सरकार के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
यह योजना जीवन रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अगर आपके पास कोई सवाल है, तो कमेंट करें। अपडेट के लिए सब्सक्राइब करें!
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