मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना 2025: बिहार में 10 लाख लोन, 5 लाख सब्सिडी - पूरी डिटेल

जैसे जैसे चुनाव नजदीक आता जा रहा है वैसे ही सरकार भी जनता के लिए फ्री रेवड़ियों की घोषणा पर घोषणा करते जा रही है, जैसे की अब इनसे बड़ा जनता का हितधारक दूसरा कोई और नही है, चूँकि 5 साल सत्ता के नशे में वादे और घोषडायें फ्री का पैसा सब कुछ सरकार से किसी ने ले लिया था अब चुनाव के समय किसी ने सरकार को वह सब वापिस दे दिया, और अब सरकार जनता को यह सब मय ब्याज के वापिस कर रही है, जी हाँ, जैसा की आप सब जानते हैं बिहार में चुनाव के कुछ दिन बचे हैं सो सरकार ने अब दिव्यांगो की खबर ली है, जिसमे दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक नई और महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की है, जिसका नाम है मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना 2025

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना 2025: बिहार में 10 लाख लोन, 5 लाख सब्सिडी - पूरी डिटेल

इस योजना के तहत आपको अपना बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार से ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलेगी, जिसमें से ₹5 लाख तो आपको वापस ही नहीं करने होंगे! यह एक ऐसा अवसर है जो न सिर्फ आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा बल्कि समाज में भी आपको सम्मान और बराबरी का दर्जा दिलाएगा। आइए, इस लेख में इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं, ताकि आप इसका पूरा लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना क्या है?

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है। यह योजना विशेष रूप से राज्य के दिव्यांग युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस योजना को उद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत एक अलग श्रेणी के रूप में शुरू किया गया है,

 ताकि दिव्यांगजनों को विशेष लाभ मिल सके।

इस योजना का मुख्य आकर्षण है कि इसमें मिलने वाली वित्तीय सहायता को दो भागों में बांटा गया है:

  1. ₹5 लाख का अनुदान (सब्सिडी): यह राशि सरकार द्वारा सीधे लाभार्थी को दी जाती है और इसे वापस नहीं करना होता है।
  2. ₹5 लाख का ब्याज-मुक्त ऋण: यह राशि भी सरकार देती है, जिसे लाभार्थी को धीरे-धीरे वापस करना होता है, लेकिन इस पर कोई ब्याज नहीं लगता।

इस प्रकार, ₹10 लाख की कुल राशि में से आपको केवल ₹5 लाख ही चुकाने होंगे, वो भी बिना किसी ब्याज के। यह योजना दिव्यांग युवाओं के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है।

योजना के लाभ और विशेषताएं

इस योजना की सबसे आकर्षक बात यह है कि लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक की सहायता मिलती है, लेकिन उन्हें सिर्फ 5 लाख ही लौटाने होते हैं - वह भी बिना ब्याज के। योजना के तहत करीब 58-60 प्रकार के प्रोजेक्ट्स शुरू किए जा सकते हैं, जैसे छोटे उद्योग, दुकानें या सर्विस बेस्ड बिजनेस। बिहार दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सरकार द्वारा गठित कमेटी लाभार्थियों को योग्यता के अनुसार प्रोजेक्ट चुनने में मदद करती है।

नीचे योजना की मुख्य विशेषताओं को संक्षिप्त रूप से समझें:

विशेषता

विवरण

कुल सहायता राशि

अधिकतम 10 लाख रुपये (5 लाख सब्सिडी + 5 लाख बिना ब्याज लोन)

सब्सिडी

5 लाख रुपये (माफ हो जाते हैं)

लोन की शर्तें

5 लाख बिना ब्याज, 5-7 वर्षों में EMI से चुकाना

लाभार्थी संख्या

शुरू में 100, मांग के अनुसार बढ़ सकती है

ट्रेनिंग और सपोर्ट

चयनित आवेदकों को व्यवसाय ट्रेनिंग, उसके बाद पैसा किस्तों में मिलेगा

प्रोजेक्ट विकल्प

58+ प्रकार के काम, जैसे कृषि, हस्तशिल्प, खुदरा व्यापार आदि

यह सहायता DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

दिव्यांग संबंधित योजनाएं

Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana 2025 के प्रमुख लाभ और विशेषताएं

यह योजना कई महत्वपूर्ण लाभों के साथ आती है जो इसे अन्य सरकारी योजनाओं से अलग और खास बनाते हैं:

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना 2025: बिहार में 10 लाख लोन, 5 लाख सब्सिडी - पूरी डिटेल

  • बड़ी वित्तीय सहायता: व्यवसाय स्थापित करने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की सहायता मिलती है, जो एक छोटे या मध्यम स्तर के उद्यम के लिए पर्याप्त होती है।
  • आर्थिक बोझ में कमी: आधी राशि यानी ₹5 लाख की सब्सिडी मिलने से लाभार्थी पर वित्तीय बोझ काफी कम हो जाता है।
  • ब्याज मुक्त ऋण: शेष ₹5 लाख पर कोई ब्याज नहीं लगता, जिससे लोन चुकाना आसान हो जाता है।
  • आत्मनिर्भरता को बढ़ावा: इस योजना से दिव्यांगजन नौकरी ढूंढने के बजाय खुद का रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
  • सरल आवेदन प्रक्रिया: आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है, जिससे लाभार्थियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
  • रोजगार सृजन: जब एक दिव्यांग व्यक्ति अपना व्यवसाय शुरू करेगा, तो वह अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकता है, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • व्यवसाय की स्वतंत्रता: इस योजना के तहत लगभग 60 तरह के प्रोजेक्ट्स को शुरू किया जा सकता है, जिससे लाभार्थी अपनी रुचि और कौशल के अनुसार व्यवसाय चुन सकते हैं।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना होगा। यदि आप इन मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आप इस योजना के लिए आवेदन करने के पात्र हैं:

  • निवास: आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • दिव्यांगता: आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या सरकारी अस्पताल द्वारा जारी किया गया वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • आयु सीमा: आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • शैक्षणिक योग्यता: आवेदक ने कम से कम 12वीं, आईटीआई (ITI), पॉलिटेक्निक या किसी समकक्ष कोर्स को पास किया हो।
  • बैंक खाता: आवेदक या उसकी फर्म के नाम पर एक व्यक्तिगत या चालू खाता होना अनिवार्य है।

अन्य शर्तें:

  • आवेदक किसी सरकारी नौकरी में कार्यरत न हो।
  • प्राइवेट नौकरी में मासिक आय ₹15,000 से अधिक न हो।
  • आवेदक पहले से किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ न ले रहा हो।
  • मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए।

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

ऑनलाइन आवेदन करते समय आपको कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनकी सूची इस प्रकार है:

  • स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Permanent Residence Certificate)
  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड (PAN Card)
  • जन्म प्रमाण पत्र (मैट्रिक प्रमाण पत्र से सत्यापित)
  • शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र (12वीं/ITI/पॉलिटेक्निक)
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • हस्ताक्षर का नमूना (Scanned Signature)
  • बैंक स्टेटमेंट और कैंसिल चेक (Bank Statement & Cancelled Cheque)
  • मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

ध्यान दें: सभी दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करना होगा, इसलिए आवेदन करने से पहले इन्हें तैयार रखें।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना: ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

इस योजना के लिए आवेदन करना बहुत ही आसान है। आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:

Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana Online Apply

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले, आपको बिहार उद्यमी योजना की आधिकारिक वेबसाइट udyami.bihar.gov.in पर जाना होगा।
  2. पंजीकरण करें: होमपेज पर आपको "पंजीकरण" का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक करें।
  3. योजना का चयन: अब आपके सामने "मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना" का विकल्प आएगा। इस पर क्लिक करके पंजीकरण फॉर्म भरें।
  4. जानकारी भरें: फॉर्म में मांगी गई सभी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी सही-सही भरें।
  5. लॉगिन करें: पंजीकरण के बाद आपको एक यूजर आईडी और पासवर्ड मिलेगा। इसका उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
  6. आवेदन फॉर्म भरें: लॉगिन करने के बाद, ऑनलाइन आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। इसमें अपनी व्यवसाय योजना से संबंधित जानकारी और अन्य विवरण भरें।
  7. दस्तावेज अपलोड करें: अब सभी आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
  8. फॉर्म सबमिट करें: सभी जानकारी और दस्तावेज अपलोड करने के बाद, फॉर्म को फाइनल सबमिट कर दें।
  9. रसीद का प्रिंटआउट लें: सबमिट करने के बाद, आपको एक आवेदन रसीद मिलेगी। इसे डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रखें।

योजना का पैसा कैसे मिलेगा और कैसे लौटाना होगा

पैसा तीन किस्तों में मिलेगा। फाइनल लिस्ट में नाम आने पर ट्रेनिंग शुरू होगी। ट्रेनिंग पूरी न करने पर आवेदन रद्द हो सकता है। पहली किस्त ट्रेनिंग के बाद, उसके 90 दिनों में उपयोगिता प्रमाण अपलोड करने पर दूसरी, और इसी तरह तीसरी किस्त मिलेगी।

लोन लौटाने की प्रक्रिया आखिरी किस्त मिलने के एक साल बाद शुरू होती है। EMI तय की जाती है, जो ऑटोमैटिक बैंक से कटती है। कुल 5 वर्षों में 5 लाख चुकाने होते हैं, बिना ब्याज के।

अन्य उपयोगी योजनाएं

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q.1. इस योजना के तहत कितनी राशि मिलेगी?

इस योजना में कुल ₹10 लाख मिलेंगे – ₹5 लाख अनुदान (सब्सिडी) और ₹5 लाख ब्याज मुक्त ऋण।

Q.2. आवेदन कौन कर सकता है?

बिहार के 18 से 50 वर्ष के सभी दिव्यांग पुरुष और महिलाएँ, जो पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, वे आवेदन कर सकते हैं।

Q.3. क्या लोन पर ब्याज लगेगा?

नहीं, इस योजना के तहत मिलने वाले ₹5 लाख के ऋण पर कोई ब्याज नहीं लगेगा।

Q.4. लोन का पैसा कैसे वापस करना होगा?

आखिरी किस्त मिलने के एक साल बाद, लोन चुकाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसे धीरे-धीरे मासिक किस्तों (EMI) के रूप में चुकाना होगा।

निष्कर्ष

बिहार सरकार की यह पहल वास्तव में सराहनीय है। मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना सिर्फ एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह दिव्यांग युवाओं के लिए सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का एक जरिया है। यदि आप इस योजना के लिए पात्र हैं, तो बिना देर किए ऑनलाइन आवेदन करें और अपने सपनों को हकीकत में बदलें। यह योजना आपके भविष्य को एक नई दिशा दे सकती है और आपको आर्थिक रूप से मजबूत बना सकती है।

इस योजना से संबंधित किसी भी अपडेट के लिए, आप बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से विजिट कर सकते हैं।

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