मुंबई का आइकन: श्री सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई केवल एक पूजा स्थल नहीं है, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना बप्पा ज़रूर पूरी करते हैं। यही कारण है कि यह मंदिर देश के सबसे अमीर और सबसे अधिक देखे जाने वाले मंदिरों में से एक है। अगर आप सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह विस्तृत गाइड आपको दर्शन के सही समय (Timings), भीड़ से बचने के तरीकों, और मंदिर से जुड़े चमत्कारी इतिहास की पूरी जानकारी देगी।
श्री सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई: दैनिक दर्शन और आरती का समय (Siddhivinayak Temple Timings)
दर्शन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है मंदिर का समय। हमने आपके लिए दर्शन और आरती के समय (Timings) को एक स्पष्ट तालिका (Table) में सूचीबद्ध किया है ताकि आपको सटीक जानकारी मिल सके।
Siddhivinayak Temple timings पूरे सप्ताह लगभग एक जैसे ही रहते हैं, लेकिन मंगवलार के दिन इनमें बदलाव होता है क्योंकि मंगलवार का दिन गणपति बप्पा को समर्पित होता है और इस दिन सबसे अधिक भीड़ होती है।नीचे दिए गए टेबल में मंदिर के मुख्य दर्शन समय और आरती के शेड्यूल बताए गए हैं।
नोट: त्योहार या मंगलवार को समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है।
| समयावधि | विवरण | समय |
|---|---|---|
| 🌅 काकड़ आरती | सुबह की आरती (Kakad Aarti) | 5:30 AM |
| 🌞 दर्शन प्रारंभ | सामान्य दर्शन की शुरुआत | 6:00 AM |
| 🕙 दोपहर बंद | मंदिर बंद (आराम समय) | 12:15 PM – 1:00 PM |
| 🌆 संध्याकालीन आरती | शाम की आरती (Evening Aarti) | 7:30 PM |
| 🌙 शेज आरती | रात की अंतिम आरती | 9:50 PM |
मंगलवार को (Tuesday) सबसे ज़्यादा भीड़ होती है। ऐसे दिन आप सुबह जल्दी या दोपहर के बाद जाएँ ताकि भीड़ से बच सकें।
ध्यान दें: आरती के समय और नैवेद्यम के समय दर्शन थोड़े समय के लिए बंद रह सकते हैं। अगर आप दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो इन समयों से पहले या बाद में मंदिर पहुँचने का प्रयास करें। Siddhivinayak temple Dadar open today के लिए, ऊपर दिए गए समय आमतौर पर लागू होते हैं।
मंगलवार और चतुर्थी पर विशेष समय
- मंगलवार (Tuesday): मंगलवार को कपाट देर रात 12:30 बजे खुलते हैं और अगले दिन रात 10:00 बजे तक दर्शन चलते हैं। इस दिन भारी भीड़ होती है।
- चतुर्थी: हर माह आने वाली संकष्टी और विनायक चतुर्थी के दिन भी दर्शन का समय बदलता है, जिसकी घोषणा मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर की जाती है।
🖥️ घर बैठे करें श्री सिद्धिविनायक के लाइव दर्शन (Siddhivinayak Temple Live Darshan)
अगर आप लंबी कतारों से बचना चाहते हैं, या किसी कारणवश मंदिर नहीं जा पा रहे हैं, तो मंदिर ट्रस्ट द्वारा भक्तों के लिए लाइव दर्शन (Live Darshan) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आप आधिकारिक वेबसाइट व यूट्यूब चैनल के माध्यम से घर बैठे बप्पा के दर्शन का लाभ उठा सकते हैं और अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले मंदिर में भीड़ का हाल भी जान सकते हैं।
सिद्धिविनायक मंदिर का चमत्कारी इतिहास और महत्व (Siddhivinayak Temple history)
श्री सिद्धिविनायक मंदिर की स्थापना 19 नवंबर 1801 को लक्ष्मण विठु और देऊबाई पाटिल ने की थी। देऊबाई, जो स्वयं निःसंतान थीं, ने यह मंदिर बनवाया ताकि भगवान गणेश अन्य महिलाओं को संतान सुख प्रदान करें। तब से यह मंदिर भक्तों की हर मनोकामना पूरी करने के लिए जाना जाता है, जिसके कारण इसे “सिद्धिविनायक” (मनोकामना सिद्ध करने वाला गणेश) कहा जाता है।
मंदिर का गणेश विग्रह एक काले पत्थर से बना है, जिसकी खासियत है इसकी दाईं ओर मुड़ी हुई सूंड। यह विशेषता इसे अन्य गणेश मंदिरों से अलग बनाती है। विग्रह के चार हाथों में कमल, कुल्हाड़ी, मोदक, और माला हैं, जो शक्ति, भक्ति, और समृद्धि का प्रतीक हैं। मंदिर के गर्भगृह की छत सोने से मढ़ी हुई है, जो इसकी भव्यता को और बढ़ाती है।
- आध्यात्मिक महत्व: भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से मांगी गई हर प्रार्थना गणपति बप्पा पूरी करते हैं, चाहे वह स्वास्थ्य, धन, या सफलता की कामना हो।
- सांस्कृतिक महत्व: यह मंदिर मुंबई की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों पर यहां का उत्साह देखते ही बनता है।
Siddhivinayak Temple history बताता है कि देउबाई ने इस मंदिर के निर्माण में धन खर्च किया था, इस विश्वास के साथ कि मंदिर बनने के बाद गणेश जी की कृपा से अन्य निःसंतान महिलाओं को भी संतान सुख प्राप्त होगा। यह मंदिर अपने शुरूआती वर्षों में काफी छोटा था, लेकिन आज यह लाखों भक्तों का ठिकाना है।
गणपति बप्पा की सूंड का रहस्य
श्री सिद्धिविनायक मंदिर की सबसे बड़ी और विशेष पहचान यहाँ स्थापित गणेश जी की मूर्ति है।
- विशेषता: आमतौर पर, गणेश जी की मूर्तियों में सूंड बाईं ओर (वाममुखी) मुड़ी होती है, जिसे तंत्र शास्त्र में सिद्धि या मोक्ष का प्रतीक माना जाता है।
- सिद्धिविनायक की सूंड: यहाँ गणपति बप्पा की सूंड दाहिनी ओर (दक्षिणमुखी) मुड़ी हुई है। दक्षिणमुखी सूंड वाले गणपति को "सिद्धिविनायक" कहा जाता है, जो शीघ्र फल देने वाले होते हैं, लेकिन इनकी पूजा के नियम कठिन और कठोर होते हैं।
- महत्व: यह मंदिर उन 40 प्रमुख गणेश मंदिरों में से एक है जिनके दर्शन से विशेष पुण्य मिलता है।
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ऑनलाइन दर्शन बुकिंग कैसे करें
आधुनिक समय में, सिद्धिविनायक मंदिर ने भक्तों की सुविधा के लिए ऑनलाइन दर्शन बुकिंग की सुविधा शुरू की है। यह खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो लंबी कतारों से बचना चाहते हैं। ऑनलाइन बुकिंग के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट www.siddhivinayak.org पर जाएं।
- ऑनलाइन दर्शन सेक्शन चुनें: “Online Darshan Booking” विकल्प पर क्लिक करें।
- विवरण भरें: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, दर्शन की तारीख, और समय चुनें।
- भुगतान करें: सामान्य दर्शन मुफ्त हैं, लेकिन प्राथमिकता दर्शन (100 रुपये) या वीआईपी दर्शन (1500 रुपये) के लिए भुगतान करें।
- कन्फर्मेशन प्राप्त करें: बुकिंग कन्फर्म होने पर आपको एक QR कोड या टिकट मिलेगा, जिसे मंदिर में दिखाना होगा।
नोट: ऑनलाइन बुकिंग केवल प्राथमिकता और वीआईपी दर्शन के लिए उपलब्ध है। सामान्य दर्शन के लिए आपको कतार में शामिल होना होगा।
श्री सिद्धिविनायक मंदिर कैसे पहुँचें? (विस्तृत यात्रा गाइड)
अगर आप सोच रहे हैं कि shri siddhivinayak mandir kahan sthit hai (श्री सिद्धिविनायक मंदिर कहाँ स्थित है), तो इसका सटीक पता मुंबई के प्रभादेवी इलाके में है।
श्री सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई पता:
एस.के. बोले मार्ग, प्रभादेवी, मुंबई, महाराष्ट्र – 400028.
ट्रेन, बस और टैक्सी द्वारा पहुँचने का तरीका
मुंबई की लोकल ट्रेनें मंदिर तक पहुँचने का सबसे आसान और सबसे तेज तरीका हैं:
लोकल ट्रेन (Local Train) से:
- सबसे पहले, आपको मुंबई लोकल ट्रेन (Western या Central Line) द्वारा दादर रेलवे स्टेशन (Dadar Railway Station) पहुँचना होगा।
- दादर स्टेशन से मंदिर लगभग 1.8 किलोमीटर दूर है।
- Dadar Railway Station के वेस्ट साइड (West Side) से बाहर निकलें।
- वहाँ से आप टैक्सी, ऑटो-रिक्शा ले सकते हैं, या बस संख्या 118 ले सकते हैं, जो आपको सीधे मंदिर के पास उतारेगी।
बस या टैक्सी से:
- बस: दादर स्टेशन के बाहर और कबूतर खाना के पास बस स्टॉप है। यहाँ से सीधी बसें मंदिर तक जाती हैं।
- टैक्सी/ऑटो: दादर स्टेशन से टैक्सी का किराया बहुत अधिक नहीं होता, खासकर अगर आप साझा टैक्सी (Sharing Taxi) लेते हैं जिसका किराया लगभग ₹10-₹20 प्रति व्यक्ति होता है।
याद रखें: shri siddhivinayak mandir dadar स्टेशन से बहुत नज़दीक है, इसलिए इसे 'दादर का सिद्धिविनायक मंदिर' भी कहा जाता है।
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दर्शन के लिए महत्वपूर्ण टिप्स और ट्रिक्स (भीड़ से कैसे बचें?)
चूंकि मंदिर में लाखों भक्त आते हैं, दर्शन को सुगम बनाने के लिए कुछ ज़रूरी टिप्स और विभिन्न प्रकार की दर्शन लाइनें हैं:
| दर्शन का प्रकार | शुल्क (Charge) | विवरण (Details) |
|---|---|---|
| मुख दर्शन (Mukh Darshan) | निःशुल्क (Free) | यह सिद्धि गेट (Siddhi Gate) से प्रवेश होता है। यहाँ दूर से ही बप्पा के दर्शन होते हैं। लाइन चलती रहती है और भीड़ कम होती है। |
| रिद्धि गेट प्रवेश (Riddhi Gate Entry) | ₹100 | यहाँ से पास से दर्शन (मुख दर्शन) का अवसर मिलता है। लाइन लंबी हो सकती है, जिसमें 2-3 घंटे लग सकते हैं। |
| वीआईपी दर्शन (VIP Darshan) | ₹500 | VIP पास लेने पर सीधे प्रवेश मिलता है। यह सबसे तेज़ तरीका है, लेकिन यह केवल विशेष स्थितियों या भारी भीड़ के दौरान विचार किया जा सकता है। |
भीड़ से बचने का सर्वश्रेष्ठ समय:
- सप्ताह के दिनों (Weekdays) में, खासकर सोमवार, गुरुवार, शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे से 4:00 बजे के बीच सबसे कम भीड़ होती है।
- मंगलवार को दर्शन करने से बचें, क्योंकि यह सबसे व्यस्त दिन होता है।
सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन को सुगम और शांतिपूर्ण बनाने के लिए इन टिप्स का पालन करें:
- सप्ताह के दिन चुनें: मंगलवार और सप्ताहांत पर भीड़ ज्यादा होती है। सोमवार, बुधवार, या गुरुवार को सुबह जल्दी जाएं।
- उचित पोशाक: पारंपरिक और शालीन कपड़े पहनें। महिलाओं के लिए साड़ी या सूट और पुरुषों के लिए धोती या औपचारिक पोशाक उपयुक्त है।
- जूते और सामान: मंदिर में प्रवेश से पहले जूते उतारें। मंदिर परिसर में मुफ्त जूता स्टैंड उपलब्ध हैं। कीमती सामान के लिए लॉकर सुविधा का उपयोग करें।
- फोटोग्राफी पर प्रतिबंध: मंदिर के अंदर फोटो या वीडियो लेना मना है।
- प्रसाद: मंदिर के बाहर “फूल गली” में फूल, माला, नारियल, और मोदक खरीद सकते हैं। मंदिर ट्रस्ट का लड्डू प्रसाद (20 रुपये में 2 लड्डू) अवश्य लें।
- भीड़ प्रबंधन: कतार में धैर्य रखें। वीआईपी दर्शन (1500 रुपये) या प्राथमिकता दर्शन (100 रुपये) लेने से समय बच सकता है।
विशेष सलाह: गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, और अंगारकी चतुर्थी जैसे अवसरों पर मंदिर में विशेष पूजा और उत्सव होते हैं। इन दिनों दर्शन के लिए पहले से योजना बनाएं।
ऑनलाइन दर्शन बुकिंग और चिकित्सा सहायता
- ऑनलाइन दर्शन: मंदिर ट्रस्ट Siddhivinayak Temple Online darshan Booking की सुविधा प्रदान करता है। दर्शन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम नियमों की जाँच करना हमेशा बेहतर होता है।
- चिकित्सा सहायता: सिद्धिविनायक ट्रस्ट समाज सेवा में भी सक्रिय है। यदि आप चिकित्सा सहायता या किसी अन्य कल्याणकारी योजना के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो आप Siddhivinayak Trust medical help form online से संबंधित जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर पा सकते हैं।
सिद्धिविनायक मंदिर के आसपास घूमने की जगहें
दर्शन के बाद, आप मंदिर के पास इन स्थानों को घूमकर अपने अनुभव को और अधिक यादगार बना सकते हैं:
- दादर फ्लावर मार्केट (Dadar Flower Market): दादर स्टेशन के पास स्थित, यह फूलों का एक विशाल बाज़ार है। सुबह-सुबह यहाँ रंग-बिरंगे और ताज़े फूलों का नज़ारा देखना अद्भुत होता है। यह फोटोग्राफी के लिए एक शानदार जगह है।
- शिवाजी पार्क (Shivaji Park): यह एक ऐतिहासिक मैदान है जहाँ से सचिन तेंदुलकर जैसे कई महान क्रिकेटरों ने प्रशिक्षण लिया है। आप यहाँ कुछ देर शांति से बैठ सकते हैं।
- प्रभादेवी बीच (Prabhadevi Beach): मंदिर से थोड़ी दूरी पर ही स्थित है। हालाँकि यह मुंबई के सबसे साफ-सुथरे समुद्र तटों में से एक नहीं है, लेकिन आप यहाँ शाम के समय समुद्र के किनारे कुछ पल बिता सकते हैं।
- अशोक वड़ा पाव (Ashok Vada Pav): वर्ली सी लिंक के पास स्थित यह जगह वड़ा पाव के लिए पूरे मुंबई में मशहूर है। दर्शन के बाद यहाँ का स्वाद लेना न भूलें!
- महालक्ष्मी मंदिर: मंदिर से 5 किमी दूर, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित यह मंदिर शांति और भक्ति का केंद्र है।
- वर्ली सी फेस: मंदिर से 3 किमी की दूरी पर, यह जगह सूर्यास्त और स्ट्रीट फूड का आनंद लेने के लिए प्रसिद्ध है।
- नेहरू तारामंडल: बच्चों और विज्ञान प्रेमियों के लिए, यह मंदिर से 4 किमी दूर एक शानदार जगह है।
(FAQ)
Q1: Siddhivinayak Temple timings क्या हैं?
मंदिर सुबह 5:30 बजे काकड़ आरती से खुलता है और रात 9:50 बजे शेज आरती के बाद बंद होता है।
Q2: Siddhivinayak temple online darshan booking कैसे करें?
मंदिर की वेबसाइट www.siddhivinayak.org पर जाकर "Online Services" सेक्शन से बुकिंग की जा सकती है।
Q3: Siddhivinayak Temple Mumbai में VIP दर्शन का शुल्क कितना है?
VIP दर्शन का शुल्क ₹100–₹200 के बीच होता है।
Q4: Siddhivinayak Temple address क्या है?
Shree Siddhivinayak Ganapati Mandir, Prabhadevi, Mumbai – 400028
Q5: क्या मंदिर में फोटो खींचना allowed है?
नहीं, मंदिर के अंदर फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग मना है।
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निष्कर्ष
shri siddhivinayak mandir mumbai की यात्रा एक भक्तिपूर्ण और प्रेरणादायक अनुभव है। चाहे आप Siddhivinayak Temple timings देखकर सुबह-सुबह जाएँ या शांतिपूर्ण दोपहर में, गणपति बप्पा के दर्शन आपको एक नई ऊर्जा से भर देंगे। श्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि एक ऐसी जगह है जहां हर भक्त को शांति, आशा, और आशीर्वाद मिलता है। इस सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई दर्शन गाइड के माध्यम से, हमने आपको मंदिर के इतिहास, दर्शन के समय, ऑनलाइन बुकिंग, और यात्रा के टिप्स की पूरी जानकारी दी है। चाहे आप पहली बार जा रहे हों या नियमित भक्त हों, गणपति बप्पा का आशीर्वाद आपके जीवन को सुख और समृद्धि से भर देगा। अ
गणपति बप्पा मोरया!
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