क्या आप जानते हैं कि स्वच्छ भारत मिशन, PMAY, या PMGSY जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं का पैसा अब पहले से कहीं ज्यादा तेजी, पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ लाभार्थियों तक पहुंच रहा है? इसकी वजह है SNA Sparsh - भारत सरकार का एक डिजिटल और "जस्ट-इन-टाइम" फंड प्रबंधन मॉडल। यदि आप एक सरपंच, ग्राम सेवक, विभागीय अधिकारी हैं या फिर UPSC/स्टेट PSC की तैयारी कर रहे हैं, तो यह नवीनतम वित्तीय सुधार आपके लिए जानना अत्यंत जरूरी है।
यह लेख आपको SNA Sparsh पोर्टल की A से Z तक की जानकारी सरल हिंदी में देगा, जिसमें इसके उद्देश्य, काम करने का तरीका, sna sparsh login प्रक्रिया और नवंबर 2025 में आए नए अपडेट्स शामिल हैं।
SNA Sparsh क्या है? एक नजर में मुख्य बातें
SNA Sparsh सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम्स (CSS) के तहत केंद्र से मिलने वाले फंड को राज्यों और अंततः लाभार्थियों तक पहुंचाने की एक सुरक्षित और एकीकृत डिजिटल प्रणाली है। यह पुराने PFMS सिस्टम से उन्नत है।
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पैरामीटर |
विवरण |
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SNA Sparsh Full Form |
Single Nodal Agency Samayochit Pranali Ekikrut Sheeghra Hastantaran (सिंगल नोडल एजेंसी, समयोचित प्रणाली एकीकृत शीघ्र हस्तांतरण) |
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लागू होने की तिथि |
चरणबद्ध तरीके से लागू। नवंबर 2025 से सभी CSS योजनाओं के लिए पूर्णतः अनिवार्य। |
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मुख्य उद्देश्य |
फंड के दुरुपयोग और अनावश्यक देरी को रोकना, पारदर्शिता बढ़ाना, "जस्ट-इन-टाइम" फंड रिलीज सुनिश्चित करना। |
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मुख्य लाभ |
भ्रष्टाचार में कमी, सालाना हजारों करोड़ की बचत, लाभार्थी तक तेजी से सीधा भुगतान। |
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किनके लिए जरूरी |
सभी राज्य सरकारें, सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) अधिकारी, योजना निर्वाहक, UPSC/सरकारी परीक्षा के अभ्यर्थी। |
SNA Sparsh मॉडल क्यों और कैसे लाया गया? (समस्या और समाधान)
पुरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां थीं:
- फंड का दुरुपयोग: राज्यों को मिला पैसा अक्सर दूसरे कामों में लग जाता था।
- अनावश्यक जमाव: पैसा महीनों बैंक खातों में बिना इस्तेमाल के पड़ा रहता, जिससे ब्याज का नुकसान होता।
- अपारदर्शिता: पैसे के प्रवाह पर रियल-टाइम नजर रखना मुश्किल था।
- लाभार्थी तक देरी: भुगतान में कई स्तरों पर देरी होती थी।
SNA Sparsh इन समस्याओं का समाधान है:
- सिंगल नोडल एजेंसी (SNA): हर योजना के लिए राज्य में एक ही एजेंसी (नोड) जिम्मेदार होगी, जिससे जवाबदेही तय होगी।
- जस्ट-इन-टाइम रिलीज: अब पैसा पहले से नहीं दिया जाएगा। जब काम का बिल बनेगा और उसकी जांच होगी, तभी फंड रिलीज होगा।
- एकीकृत डिजिटल प्रवाह: PFMS, राज्य का IFMIS और RBI के e-Kuber प्लेटफॉर्म आपस में जुड़े हैं, जिससे हर लेन-देन ऑनलाइन ट्रैक होता है।
- सीधा भुगतान (DBT): फंड सीधे लाभार्थी या विक्रेता (वेंडर) के बैंक खाते में पहुंचेगा, बिचौलियों की भूमिका खत्म।
SNA Sparsh पोर्टल पर लॉगिन कैसे करें? (State-Wise Guide)
अलग-अलग राज्यों के अपने SNA Sparsh पोर्टल हैं। लॉगिन प्रक्रिया लगभग एक जैसी है।
सामान्य चरण:
- अपने राज्य के आधिकारिक SNA Sparsh पोर्टल पर जाएं। (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए: https://snasparsh.up.gov.in)
- लॉगिन पेज पर, अपना यूजरनेम और पासवर्ड डालें। (यह आपके विभाग/एजेंसी द्वारा प्रदान किया जाता है)।
- पहली बार लॉगिन पर, आपको पासवर्ड बदलने के लिए कहा जाएगा।
- नए पासवर्ड से दोबारा लॉगिन करें और डैशबोर्ड एक्सेस करें।
महत्वपूर्ण राज्यों के लिंक और सहायता:
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राज्य |
आधिकारिक पोर्टल लिंक (नए टैब में खुलेगा) |
टिप्पणी |
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उत्तर प्रदेश |
IFMIS UP से इंटीग्रेटेड |
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हरियाणा |
SNA Sparsh Haryana Portal |
हरियाणा सरकार द्वारा संचालित |
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मध्य प्रदेश |
संबंधित राज्य वित्त विभाग की वेबसाइट देखें |
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राजस्थान |
संबंधित राज्य वित्त विभाग की वेबसाइट देखें |
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केंद्रीय गाइडेंस |
आधिकारिक गाइडलाइन्स यहाँ मिलेंगी |
नोट: यदि आप पासवर्ड भूल गए हैं, तो लॉगिन पेज पर 'Forgot Password' का विकल्प इस्तेमाल करें। नया पासवर्ड आपके रजिस्टर्ड मोबाइल/ईमेल पर जाएगा।
SNA Sparsh कैसे काम करता है? (वर्कफ्लो चार्ट की तरह समझें)
इस प्रणाली का कामकाज निम्नलिखित चरणों में होता है:
- बिल तैयारी: कार्य पूरा होने पर, कार्यान्वयन एजेंसी (जैसे ग्राम पंचायत) राज्य के IFMIS पोर्टल पर बिल/भुगतान फाइल बनाती है।
- समेकन (Consolidation): राज्य कोषागार विभिन्न एजेंसियों के सभी बिलों को एकत्रित कर एक मास्टर फाइल बनाता है।
- PFMS को अग्रसारण: यह समेकित फाइल PFMS (Public Financial Management System) को भेजी जाती है ताकि केंद्र सरकार अपने हिस्से के फंड को मंजूरी दे सके।
- केंद्रीय मंजूरी: संबंधित केंद्रीय मंत्रालय PFMS पर फाइल देखकर अपने हिस्से की राशि को मंजूरी देता है।
- RBI के जरिए भुगतान: मंजूरी के बाद, केंद्र का हिस्सा RBI के माध्यम से राज्य के SNA खाते में ट्रांसफर होता है। फिर, राज्य का IFMIS सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में कुल राशि (केंद्र+राज्य) के भुगतान का निर्देश देता है।
- रियल-टाइम ट्रैकिंग: हर चरण की स्थिति PFMS और SNA Sparsh पोर्टल पर वास्तविक समय (रियल-टाइम) में देखी जा सकती है।
नवंबर 2025 का बड़ा अपडेट: अब सभी योजनाओं के लिए अनिवार्य
नवंबर 2025 से, भारत सरकार ने सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) के लिए SNA Sparsh मॉडल को पूर्ण रूप से अनिवार्य कर दिया है। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में अब सभी 66 CSS योजनाओं का भुगतान इसी प्रणाली से होगा।
इसके मुख्य प्रभाव:
- केंद्र अब राज्यों की समेकित निधि में पैसा नहीं भेजेगा।
- सभी भुगतान सीधे और पारदर्शी ढंग से अंतिम लाभार्थी तक पहुंचेंगे।
- केवल उन्हीं योजनाओं को अग्रिम राशि मिलेगी, जहां केंद्र सरकार ने विशेष मंजूरी दी है।
- इससे सरकारी खजाने में नकदी का प्रबंधन बेहतर होगा और ब्याज व्यय में भारी बचत होगी।
SNA Sparsh के प्रमुख फायदे (Benefits)
- पारदर्शिता एवं जवाबदेही: हर रुपये का डिजिटल ट्रैल उपलब्ध।
- तेज भुगतान: पेमेंट अब दिनों के बजाय घंटों में होता है।
- भ्रष्टाचार पर अंकुश: मिडलमैन खत्म, फंड का दुरुपयोग लगभग असंभव।
- वित्तीय अनुशासन: "जस्ट-इन-टाइम" रिलीज से गैर-जरूरी खर्च रुकता है।
- उच्च बचत: अनुपयोगी पड़े फंड पर ब्याज का भुगतान बचता है, जिससे सालाना हजारों करोड़ रुपये की बचत।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या SNA Sparsh और PFMS एक ही हैं?
नहीं। PFMS एक व्यापक वित्तीय प्रबंधन सिस्टम है जो लेन-देन रिकॉर्ड करता है। SNA Sparsh एक विशेष मॉडल है जो PFMS, RBI और राज्यों के सिस्टम को जोड़कर CSS योजनाओं के लिए "जस्ट-इन-टाइम" फंड ट्रांसफर सुनिश्चित करता है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
Q2. क्या यह स्पर्श पेंशन पोर्टल (रक्षा मंत्रालय) से अलग है?
हां, बिल्कुल अलग है। रक्षा मंत्रालय का SPARSH पेंशनभोगियों के लिए है। जबकि SNA Sparsh सिर्फ केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) के फंड प्रबंधन के लिए है।
Q3. अगर लॉगिन नहीं हो पा रहा है तो क्या करूं?
- यूजरनेम/पासवर्ड दोबारा चेक करें।
- 'फॉरगॉट पासवर्ड' विकल्प का उपयोग करें।
- अपने विभाग के नोडल अधिकारी या IT सेल से संपर्क करें।
Q4. UPSC परीक्षा की दृष्टि से SNA Sparsh का क्या महत्व है?
SNA Sparsh सुशासन, डिजिटल इंडिया, वित्तीय समावेशन और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स से जुड़ा हुआ है। यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार है, जिससे प्रीलिम्स और मेन्स दोनों में प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
Q5. क्या सभी राज्यों में SNA Sparsh लागू है?
हां, लगभग सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इसे लागू कर दिया है। प्रगति अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकती है।
निष्कर्ष
SNA Sparsh सरकारी धन के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और दक्षता लाने वाला एक मील का पत्थर है। यह सुनिश्चित करता है कि योजनाओं का लाभ बिना कटौती और बिना देरी के उन लोगों तक पहुंचे, जिनके लिए वे बनाई गई हैं। नवंबर 2025 से इसकी पूर्ण अनिवार्यता इस दिशा में एक और सकारात्मक कदम है। चाहे आप एक अधिकारी हों या एक जागरूक नागरिक, इस प्रणाली के बारे में जानकारी रखना आज के समय की जरूरत है।
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